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जम्मू-कश्मीर के डोडा में हादसा: सेना का बुटेलप्रुफ वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिरा, दस जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को भारतीय सेना को एक बड़ा झटका लगा, जब जवानों को ले जा रही एक सैन्य गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में हादसा: सेना का बुटेलप्रुफ वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिरा, दस जवान शहीद
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डोडा (जम्मू-कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को भारतीय सेना को एक बड़ा झटका लगा, जब जवानों को ले जा रही एक सैन्य गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल के लिए एयरलिफ्ट किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन में कुल 21 जवान सवार थे, जो एक ऊपरी इलाके में स्थित अग्रिम पोस्ट की ओर जा रहे थे।

भद्रवाह-चंबा मार्ग पर हुआ हादसा

सेना के अनुसार यह दुर्घटना भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर स्थित खन्नी टॉप के पास हुई। यह इलाका पहाड़ी और बेहद संकरा है, जहां तेज मोड़ और गहरी खाइयां दुर्घटनाओं का कारण बनती रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चलते वाहन पर चालक का नियंत्रण अचानक खो गया, जिससे गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्गम इलाके और खराब मौसम के बावजूद जवानों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया।

गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर भेजा गया

हादसे में घायल 11 जवानों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उन्हें हर संभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारी ने कहा कि हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “डोडा में सेना के वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से मैं अत्यंत दुखी हूं। इस कठिन घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है। घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जाए। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” उपराज्यपाल ने शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा।

महबूबा मुफ्ती ने भी जताई संवेदना

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस हादसे पर शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “डोडा से आई इस दुखद खबर से मन बेहद आहत है। हादसे में जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ करती हूं।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में तैनात जवान बेहद कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा कर रहे हैं और ऐसे हादसे पूरे देश को झकझोर देते हैं।

कठिन भौगोलिक हालात में ड्यूटी कर रहे थे जवान

जानकारी के मुताबिक, सभी जवान ऊपरी इलाके में स्थित एक अग्रिम सैन्य पोस्ट पर तैनाती के लिए जा रहे थे। डोडा और आसपास के क्षेत्र में सड़कें संकरी, ऊबड़-खाबड़ और मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। कई बार हल्की सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है। सेना के सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बल नियमित रूप से ऐसे इलाकों में गश्त और तैनाती करते हैं, जहां सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी रहती है।

तीन दिन पहले शहीद हुआ था जवान

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं। तीन दिन पहले, यानी 18 जनवरी को किश्तवाड़ जिले में आतंकियों की तलाश के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए थे। इनमें से एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह ने अगले दिन, 19 जनवरी, को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। उनके शहीद होने से सुरक्षा बलों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।

सेना ने दिए जांच के आदेश

डोडा हादसे के बाद सेना ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के जरिए जांच कराई जाएगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दुर्घटना चालक की गलती से हुई या सड़क और मौसम से जुड़ी परिस्थितियां इसकी वजह बनीं। सेना ने कहा कि शहीद जवानों के परिजनों को सभी सैन्य सम्मान और सहायता प्रदान की जाएगी।

देश भर में शोक की लहर

डोडा हादसे की खबर सामने आने के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक नेताओं, सैन्य अधिकारियों और आम लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात सैनिक न केवल दुश्मन से, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से भी रोज जूझते हैं। देश की रक्षा में लगे इन जवानों का बलिदान पूरे राष्ट्र के लिए हमेशा सम्मान और गर्व का विषय रहेगा।


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