बालाकोट के हीरो अभिनंदन वर्तमान ने वायुसेना से लिया रिटायरमेंट, अब फ्लाई-91 में संभालेंगे कमर्शियल विमान की कमान
अभिनंदन वर्तमान का नाम 27 फरवरी 2019 की उस हवाई कार्रवाई से जुड़ा है, जिसने भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। उस समय वह श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन में तैनात थे। पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के भारतीय सीमा की ओर बढ़ने के बाद उन्हें उन्हें रोकने के लिए भेजा गया था।

नई दिल्ली: बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद देशभर में चर्चा में आए पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति ले ली है। करीब दो दशक तक वायुसेना में सेवाएं देने के बाद अब उन्होंने नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में नई पारी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को वायुसेना की सेवा छोड़ी और अगस्त में गोवा स्थित निजी एयरलाइन फ्लाई-91 से जुड़ गए। अब वह सैन्य लड़ाकू विमान के बजाय कमर्शियल यात्री विमान उड़ाते नजर आएंगे।
MiG-21 से F-16 को चुनौती देने वाले पायलट
अभिनंदन वर्तमान का नाम 27 फरवरी 2019 की उस हवाई कार्रवाई से जुड़ा है, जिसने भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। उस समय वह श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन में तैनात थे। पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के भारतीय सीमा की ओर बढ़ने के बाद उन्हें उन्हें रोकने के लिए भेजा गया था। आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र के अनुसार, अभिनंदन ने हवाई मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा किया और उसे मार गिराया। हालांकि, इसी कार्रवाई के दौरान उनके MiG-21 को भी मिसाइल ने निशाना बनाया। विमान को नुकसान पहुंचने के बाद उन्होंने इजेक्ट किया और पैराशूट से पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जा उतरे।
करीब 60 घंटे पाकिस्तान की हिरासत में रहे
विमान से बाहर निकलने के बाद अभिनंदन को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने हिरासत में ले लिया था। उनकी गिरफ्तारी भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच हुई थी। भारत सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाया। करीब 60 घंटे बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत वापस लाया गया। उनकी वापसी के दृश्य देशभर में चर्चा का विषय बने थे। साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उन्हें बाद में देश के तीसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
पुलवामा हमले के बाद बढ़ा था तनाव
अभिनंदन की यह कार्रवाई 14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद पैदा हुए तनाव की पृष्ठभूमि में हुई थी। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवानों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई कार्रवाई की थी। इसके अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय वायुसेना ने उन्हें रोकने के लिए अपने लड़ाकू विमान भेजे। इसी दौरान अभिनंदन भी हवाई अभियान में शामिल हुए थे।
2021 में मिला वीर चक्र
बालाकोट के बाद की हवाई कार्रवाई में दिखाई गई बहादुरी के लिए अभिनंदन को 2021 में वीर चक्र प्रदान किया गया। भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित प्रशस्ति-पत्र में उनके साहस और आक्रामक कार्रवाई की सराहना की गई थी। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया था।
अब आसमान में नई जिम्मेदारी
वायुसेना से विदाई के बाद अभिनंदन ने विमानन क्षेत्र से अपना जुड़ाव कायम रखा है। फ्लाई-91 के साथ उनका जुड़ना इस मायने में खास है कि अब उनका अनुभव सैन्य विमानन से आगे बढ़कर नागरिक उड्डयन में इस्तेमाल होगा। लड़ाकू विमान उड़ाने और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल परिस्थितियों का सामना करने के लंबे अनुभव के बाद कमर्शियल एविएशन में उनकी नई भूमिका को लेकर भी काफी दिलचस्पी है।


