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AAP में फिर केजरीवाल की ताजपोशी, राष्ट्रीय संयोजक बने; 23 सदस्यीय टीम में कई बड़े नाम, मान-चीमा को भी नई जिम्मेदारी

राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अरविंद केजरीवाल को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संयोजक चुना जाना पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में उनके केंद्रीय नेतृत्व को दर्शाता है। पार्टी के गठन के बाद से केजरीवाल AAP के प्रमुख चेहरों में रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की राजनीतिक दिशा तय करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

AAP में फिर केजरीवाल की ताजपोशी, राष्ट्रीय संयोजक बने; 23 सदस्यीय टीम में कई बड़े नाम, मान-चीमा को भी नई जिम्मेदारी
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की राष्ट्रीय परिषद की 15वीं बैठक में संगठन को लेकर कई अहम फैसले किए गए। बैठक में एक बार फिर अरविंद केजरीवाल को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। परिषद की बैठक में कुल 330 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही पार्टी ने 23 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया है। केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को जगह मिली है। हालांकि, दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। पार्टी की ओर से इसे कोई नया फैसला नहीं बताया गया है। AAP का कहना है कि भारद्वाज पहले भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नहीं रहे हैं और वर्तमान में वह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

केजरीवाल के नेतृत्व पर फिर मुहर

राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अरविंद केजरीवाल को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संयोजक चुना जाना पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में उनके केंद्रीय नेतृत्व को दर्शाता है। पार्टी के गठन के बाद से केजरीवाल AAP के प्रमुख चेहरों में रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की राजनीतिक दिशा तय करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बैठक में पार्टी की मौजूदा स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विभिन्न राज्यों और पार्टी के अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय नेताओं को शामिल किया गया है।

23 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कौन-कौन?

AAP की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अरविंद केजरीवाल के साथ आतिशी, आदिल अहमद खान, अनुराग ढांडा, भगवंत मान, दिलीप पांडेय, दुर्गेश पाठक, गोपाल इटालिया, गोपाल राय, रानी अग्रवाल, हरपाल सिंह चीमा, मनीष सिसोदिया, मोहम्मद इरशाद, एनडी गुप्ता, पंकज गुप्ता, प्रीति शर्मा मेनन, पृथ्वी रेड्डी, राखी बिड़ला, विभव, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन, शैली ओबेरॉय और राजबीर को शामिल किया गया है। इस सूची में दिल्ली, पंजाब और गुजरात समेत पार्टी के अलग-अलग राजनीतिक आधार वाले नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि AAP राष्ट्रीय संगठन में विभिन्न राज्यों की भूमिका को बनाए रखना चाहती है।

पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता की जिम्मेदारी बरकरार

संगठन में कुछ प्रमुख पदों पर पहले से मौजूद नेताओं को ही जिम्मेदारी जारी रखने का फैसला किया गया है। पार्टी ने पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव और एनडी गुप्ता को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। दोनों नेता पहले भी इन्हीं पदों पर काम कर रहे थे। ऐसे में पार्टी ने संगठन के इन महत्वपूर्ण पदों पर निरंतरता बनाए रखने का फैसला किया है।

पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अलावा AAP ने पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया है। इनमें अजय दत्त, चैतर वसावा, इमरान हुसैन, मेहराज मलिक और वेंजी वीगास के नाम शामिल हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों की नियुक्ति के जरिए पार्टी ने संगठन में अलग-अलग क्षेत्रों और राजनीतिक समूहों से जुड़े नेताओं की भागीदारी को भी जगह दी है।

मान और चीमा को PAC में बड़ी भूमिका मिलने की चर्चा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा को पार्टी के शीर्ष राजनीतिक मंचों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की भी चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं को AAP की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) का सदस्य बनाया गया है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। PAC आम आदमी पार्टी में महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों से जुड़ी प्रमुख समिति मानी जाती है। इससे पहले पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इस समिति के सदस्य रहे हैं।

राष्ट्रीय संगठन में बदलाव के मायने

राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर केजरीवाल की दोबारा नियुक्ति और नई कार्यकारिणी के गठन को AAP के आगामी राजनीतिक रोडमैप की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने एक तरफ पुराने और अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बनाए रखा है, वहीं अलग-अलग राज्यों के नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में स्थान दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई टीम के साथ AAP किन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता देती है और पंजाब समेत अन्य राज्यों में संगठन को किस तरह आगे बढ़ाती है।


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