आंध्र के मुद्दे पर तेदेपा और कांग्रेस के बीच नोकझोंक
आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर तेलगू देशम पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के कारण आज राज्यसभा की कार्यवाही भोजनावकाश तक स्थगित हो गयी

नयी दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर तेलगू देशम पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के कारण आज राज्यसभा की कार्यवाही भोजनावकाश तक स्थगित हो गयी और लगातार नौवें दिन शून्यकाल तथा प्रश्नकाल नहीं हो सका।
सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो पूर्व सदस्य हमीदा हबीबुल्लाह को भावभीनी श्रधांजलि देने तथा सदन के पटल पर कागजात एवं रिपोर्ट रखे जाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने गत दिनों मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने वाले मंत्री वाई एस चौधरी को नियम 241 के तहत अपने इस्तीफे का कारण बताने की अनुमति दी तो श्री चौधरी ने यह बताना शुरू किया कि किन परिस्थियों में उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इस क्रम में उन्होंने 2014 में पारित आँध्रप्रदेश पुनर्गठन कानून का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून जल्दीबाजी में बना और अवैज्ञानिक तरीके से पुनर्गठन हुआ, इस पर कांग्रेसी सदस्य बुरी तरह भड़क गए और हंगामा करने लगे। इसके जवाब में तेलगू देशम के सदस्य भी शोर मचाने लगे।
नायडू ने कहा कि अगर चौधरी ने अपने लिखित वक्तव्य से बाहर कोई बात कही है तो उसे सदन की कार्यवाही से निकल दिया जायेगा पर कांग्रेसी सदस्य बाज़ नहीं आये।
इस बीच कांग्रेस के तीन सदस्य सभापति के आसन के पास आ गए। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए नायडू ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की चेतावनी भी दी।
चौधरी शोर शराबे में अपना लिखित वक्तव्य पढ़ते रहे, तब कांग्रेस के रामचन्द्र राव रोज की तरह हाथ में पोस्टर लिए आसन के पास आ गए। हंगामे को देखते हुए श्री नायडू ने दो बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।


