राज्यसभा में मुथू कृष्णन की आत्महत्या का मामला गूंजा
जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में शोध छात्र मुथू कृष्णन की आत्महत्या का मामला आज राज्यसभा में जाेर शोर से गूंजा
नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में शोध छात्र मुथू कृष्णन की आत्महत्या का मामला आज राज्यसभा में जाेर शोर से गूंजा और पूरे सदन में एक स्वर में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दलित छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की गयी।
शून्यकाल के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी. राजा ने यह मामला उठाया और कहा कि पूरे सदन को, देश को और समाज को दलित छात्र की आत्महत्या के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दलित और आदिवासी छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों में समानता के अवसर नहीं मिल रहे हैं जिससे उन्हें आत्महत्या करने जैसे गंभीर कदम उठाने पड रहे हैं। राजा के बयान का पूरे सदन ने एक स्वर में समर्थन किया और कहा कि सरकार को इस संबंध में बयान देना चाहिए। इससे पहले कांग्रेस के पी एल पुनिया ने भी यह मामला उठाने का प्रयास किया लेकिन उप सभापति ने यह कहते हुए अनुमति नहीं दी कि उन्होंने नोटिस नहीं दिया है।
उप सभापति पी जे कुरियन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई अौर कहा कि सरकार को इस दृष्टिकोण से भी जांच करनी चाहिए क्या दलित छात्रों में असुरक्षा की भावना पनप रही है।
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर बारीकी से नजर रख रही है और पुलिस को समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं मुथू के पिता और परिजनों तथा मित्रों से मिली हैं। मुथू के किसी एक परिजन को नौकरी देने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार थोराट समिति तथा अन्य समितियों की सिफारिशों को लागू करने पर ध्यान दे रही है।


