ग्रेटर नोएडा के ज्यादातर थानों के फोन नंबर बंद पड़े
प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को सुधार करने के लिए पुलिस को हाईटेक होने का फरमान जारी कर चुका है

ग्रेटर नोएडा। प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को सुधार करने के लिए पुलिस को हाईटेक होने का फरमान जारी कर चुका है।
थानों पर अब ऑनलाइन शिकायत दर्ज हो रही है। ग्रेटर नोएडा शहर की गिनती हाईटेक सिटी के रूप में होती है, अफसोस की बात यह है कि पुलिस अभी तक हाईटेक नहीं हो पाई है। अपराध अंकुश लगाने के लिए पुलिस को संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं लेकिन उनकी देखभाल नहीं नहीं हो पा रही है। इसका नतीजा है कि ज्यादातर थानों पर फोन नंबर बंद पड़े हुए है। कुछ थानों पर टेलीफोन का बिल भुगतान न होने के कारण दूरसंचार विभाग ने फोन काटकर कर दूसरे उपभोक्ता को आवंटित कर दिया है।
पुलिस रिकार्ड में आज भी वही नंबर दर्ज है। यहां कि पुलिस बेवसाइट पर थानों के गलत नंबर पड़े हुए है। ऐसे में अब किसी को अगर संबंधित थाने पर शिकायत दर्ज कराने होती है तो फोन के बजाय उसे थाने जाना पड़ता है। ग्रेटर नोएड़ा की हाईंटेक कहीं जाने वाली पुलिस के दफ्तर के टेलीफोन नंबर किसी अन्य परिवार को दे दिया गया है लेकिन नोएडा पुलिस की बेवसाइट पर अभी वही नंबर दिख रहा है।
जी हां ये सच है ग्रेटर नोएडा थाने का नंबर 2340100 है जो ग्रेटर नोएडा में रहने वाले एक परिवार को दे दिया गया है उनका कहना है टेलीफोन विभाग ने उनको ये नंबर दिया है लेकिन अभी भी उनके पास फरियादियो के फोन ग्रेटर नोएडा थाने में अपनी समस्या को बताने के लिए आते है।
ऐसा ही हाल ग्रेटर नोएडा के और थाना का है जहां पर फोन की घंटी तो बजती है लेकिन उनको उठाने वाला कोईं नहीं होता है । नोएडा पुलिस की सरकारी पोर्टल पर ग्रेटर नोएडा के कासना, दादरी, जेवर कोतवाली, दनकौर थाना और नॉलेज पार्क थानों के लैड़ लाइन नंबर ही नहीं दिए गए है।
देहात क्षेत्र में इन थानो की अगर कोई अपनी समस्या थाने की पुलिस को देना चाहे तो या फिर उसे खुद थाने जाना पड़ेगा। जारचा, बादलपुर, और बिसरख थानों के नंबर सरकारी पोर्टल पर दिख रहे हैं लेकिन उन नंबर को कोई उठाता नहीं है। हालांकि उत्तर प्रदेश की पुलिस विभाग ने पुलिस विभाग ने 100 डायल भी शुरू किया है लेकिन ये नंबर आसानी से मिलता नहीं है और अगर मिल जाए तो दिल्ली पुलिस में मिलता है।


