उत्तराखंड में 3 लाख से ज्यादा कर्मियों, पेंशन भोगियों के डीए पर रोक
कोराना वायरस से उत्पन्न संकट में उत्तराखंड में भी तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (डीए) पर रोक लगा दी गई है

देहरादून। कोराना वायरस से उत्पन्न संकट में उत्तराखंड में भी तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (डीए) पर रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2020 से देय महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त का भुगतान न करने का फैसला लिया है। वित्त सचिव अमित नेगी ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया कि एक जुलाई, 2021 से देय महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की भावी किस्तों को जारी करने का निर्णय लिया जाता है तो 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से प्रभावी महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरें लागू की जाएंगी।
इन दरों को 1 जुलाई 2021 से संशोधित दरों में शामिल कर लिया जाएगा। एक जनवरी, 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि का कोई बकाया भुगतान नहीं किया जाएगा। यह आदेश राज्य सरकार के समस्त कार्मिकों और पेंशनभोगियों पर समान रूप से लागू होंगे।
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के मुख्य संयोजक नवीन कांडपाल ने बताया कि जनवरी, 2020 से जून, 2021 तक करीब तीन डीए रोकने से सरकार को लगभग एक हजार करोड़ से ज्यादा का मुनाफा होगा।
उन्होंने कहा, "ऐसे में हम लोगों का पैसा रोककर सरकार क्या करना चाहती है? यह उत्पीड़ात्मक कार्रवाई है। इसमें कर्मचारी संगठनों से चर्चा के बाद निर्णय लेना था। अभी इस मसले पर मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। लॉकडाउन के बाद बड़ा आंदोलन होगा, क्योंकि कर्मचारी जब स्वेच्छा से अपना वेतन दे रहे हैं तो यह कटौती क्यों हो रही है?"
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने बीते रोज अपने कार्मिकों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की वृद्धि पर एक जनवरी, 2020 से 30 जून, 2021 तक रोक लगा दी है। शुक्रवार को इसी तर्ज पर राज्य सरकार ने भी आदेश जारी किए।


