चुनाव प्रचार में 10 से ज्यादा वाहनों पर पाबंदी
ग्रेटर नोएडा ! निर्वाचन आयोग के फरमान पर जिला प्रशासन चुनाव की तैयारियों को पूरी करने में जुटा है। आचार संहिता का उल्लंघन न हो इसके लिए आए दिन बैठकों का दौर चल रहा है।

ग्रेटर नोएडा ! निर्वाचन आयोग के फरमान पर जिला प्रशासन चुनाव की तैयारियों को पूरी करने में जुटा है। आचार संहिता का उल्लंघन न हो इसके लिए आए दिन बैठकों का दौर चल रहा है। उम्मीदवारों को चुनावी प्रचार-प्रसार करने का पाठ पढ़ाने की कवायद प्रशासनिक अधिकारियों ने शुरू कर दी है। निर्वाचन गाइडलाइन के मुताबिक आयोग के दिशा निर्देशों के संदर्भ में उम्मीदवारों को पाठ पढ़ाया जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार विनित ने बताया कि अब किसी भी शिक्षण संस्थान में चुनाव रैली नहीं होगी। चाहे वो प्राइवेट हो या फिर सरकारी स्कूल। उम्मीदवार जहां भी अपनी चुनावी रैली करेंगे उसकी पहले से जानकारी देनी होगी। इसके लिए उनसे अनुमति लेनी होगी। इसका किराया उम्मीदवार के चुनाव खर्चे में ही जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के प्रबंध को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है। चुनावों में किसी भी स्तर पर प्रशासन खेमा कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। इसके लिए मतदेय स्थलों की जांच पड़ताल कर संवेदनशील व अतिसंवेदन सील बूथों का अधिकारी निरीक्षण कर रहे है। जिला निर्वाचन अधिकारी एनपी सिंह ने बूथों की अच्छी तरह से जांच करने व व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत जिम्मेदारों को दी है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा कि मतदेय स्थलों पर अगर वहां किसी तरह की कोई कमी होती है तो उसे पहल के आधार पर दूर किया जाए ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह का कोई परेशानी हो। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार 28 लाख ही चुनाव प्रचार में खर्च कर सकता है।
चुनावी प्रचार के दौरान 10 से ज्यादा वाहनों का काफिला लेकर उम्मीदवार नहीं चल सकेगा। इसके लिए 10 वाहनों के बाद करीब 200 मीटर की परिधि के बाद ही अन्य वाहन चल सकेंगे। स्कूली छात्रों पर यूनिफार्म पहनकर प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार में उतरने पर पाबंदी होगी। किसी भी रैली अथवा जन सभा में उम्मीदवार द्वारा टोपी, मुखौटा आदि बांटा जा सकता है। जिसकों उम्मीदवार के खाते से जोड़ा जाएगा।


