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मप्र में मांग से ज्यादा बिजली उपलब्ध

मध्य प्रदेश में किसान और आम उपभोक्ता को जरूरत के मुताबिक बिजली मुहैया कराने की कवायद जारी है क्योंकि राज्य में मांग से कहीं ज्यादा बिजली की उपलब्धता है।

मप्र में मांग से ज्यादा बिजली उपलब्ध
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भोपाल | मध्य प्रदेश में किसान और आम उपभोक्ता को जरूरत के मुताबिक बिजली मुहैया कराने की कवायद जारी है क्योंकि राज्य में मांग से कहीं ज्यादा बिजली की उपलब्धता है। राज्य में किसानों को िंसंचाई के लिए 10 घंटे और घरेलू उपभेाक्ता को 24 घंटे बिजली मिले इसके लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रदेश में सिंचाई के लिए किसानों को 10 घंटे बिजली एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिले यह सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में जरूरत से अधिक बिजली उपलब्ध है, इसलिए बिजली आपूर्ति में कमी नहीं आनी चाहिये। इसके लिए बिजली विभाग सिस्टम ठीक करे, व्यवस्थाएं सुधारे। मेटेनेंस कार्य निरंतर जारी रहें।

राज्य में किसानों को कृषि पंप में उपयोग में ली जाने वाली बिजली के लिए सहायता दी जाती है। अब यह सहायता राशि सीधे किसानों के खातों में डाली जाएगी। इसके लिए इस बात के प्रयास होंगे कि इस योजना का लाभ लेने वाला हर किसान बिजली का बिल भरे साथ ही बिजली की चोरी को सख्ती से रोका जाएगा।

बताया गया है कि राज्य में जरूरत से कहीं ज्यादा बिजली वर्तमान में उपलब्ध है। वर्तमान में बिजली उत्पादन क्षमता 21 हजार मेगावट की है, जबकि बीते वर्ष एक दिन में अधिकतम बिजली 14 हजार 555 मेगावट खर्च हुई। इस वर्ष अधिकतम संभावित आवश्यकता 16 हजार मेगावट का अनुमान है। जो बिजली अतिरिक्त होगी उसे अन्य राज्यों को दिया जाएगा।

उर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने बताया कि लाकडाउन के कारण बिजली की खपत में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आई है। अच्छी बारिश के कारण भी बिजली की मांग में कमी आई है।


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