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विधायक अमनमणि अपने साथियों के साथ गिरफ्तार

 उत्तर प्रदेश के महराजगंज के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को सोमवार को बिजनौर में गिरफ्तार कर लिया गया है

विधायक अमनमणि अपने साथियों के साथ गिरफ्तार
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बिजनौर। उत्तर प्रदेश के महराजगंज के नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को सोमवार को बिजनौर में गिरफ्तार कर लिया गया है। धारा 144 का उल्घंन करने पर विधायक के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अतरिक्त पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बिजनौर के नजीबाबाद से धारा 144 के उल्लघंन करने में उनके साथ साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने रविवार को लॉकडाउन के बीच 10 लोगों के साथ बदरीनाथ और केदारनाथ जाने के लिए पास बनवाया था, लेकिन चमोली के जिला प्रशासन ने बदरीनाथ के कपाट नहीं खुलने का हवाला देते हुए उन्हें चमोली जिले की सीमा से लौटा दिया।

पुलिस के मुताबिक, विधायक ने जो पत्र दिखाया, उसमें उन्होंने उप्र के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के पिता के पितृकर्म के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ जाने की बात कही थी।

दूसरी ओर, उप्र सरकार के प्रवक्ता ने विधायक अमनमणि त्रिपाठी के उत्तराखंड राज्य जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकृत किए जाने के संबंध में आए समाचार को असत्य, भ्रामक एवं आधारहीन बताया। उन्होंने कहा कि विधायक ने भ्रामक रूप से तथ्यों को 'मुख्यमंत्री के साथ जोड़कर' आपत्तिजनक कृत्य किया है।

प्रवक्ता ने कहा कि विधायक अमनमणि त्रिपाठी को उत्तराखंड राज्य जाने के लिए न तो मुख्यमंत्री ने और न ही राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किया गया है। त्रिपाठी अपने कृत्य के लिए स्वयं उत्तरदायी हैं।

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, रविवार को ये सभी लोग तीन कारों में सवार होकर बदरीनाथ आ रहे थे। चमोली जिले की सीमा पर चेकिंग के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने इन्हें आगे जाने से रोककर वापस भेज दिया। इन पर टिहरी जनपद स्थित मुनीकीरेती में लॉकडाउन का उल्लंघन करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक यशवत सिंह चौहान ने बताया कि विधायक अमनमणि त्रिपाठी समेत 10 लोगों को चमोली जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति इसलिए नहीं दी गई, क्योंकि अभी बदरीनाथ के कपाट खुले ही नहीं हैं। चौहान ने बताया कि इन लोगों ने बताया कि उनके पास उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश द्वारा जारी अनुमति पत्र है। लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने की इजाजत नहीं दी।

उन्होंने बताया कि विधायक की बात संदेहास्पद लगी, इसी कारण उन्हें वापस किया गया था। अगर मुख्यमंत्री के पिता के कर्म के संबध में कोई आएगा तो हमें प्रोटोकॉल जारी होगा। उसकी सूचना भी रहेगी। लेकिन ऐसा कुछ था नहीं।


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