खातों में हुई करोड़ों की हेराफेरी
नोएडा ! एब्लेज की तरह वेबवर्क ने भी ठगी का महाजाल फैला रखा है। एब्लेज की जांच के बाद ही उसने यहां से भागने की प्लानिंग कर ली थी।

नोएडा ! एब्लेज की तरह वेबवर्क ने भी ठगी का महाजाल फैला रखा है। एब्लेज की जांच के बाद ही उसने यहां से भागने की प्लानिंग कर ली थी। बताया गया कि उसने सेक्टर-18 स्थित सभी चार बैंकों से अपने खातों को बंद कर दिया था। साथ ही दो नए बैंकों में खाता खोलकर वहां से पैसा नए खातों में ट्रांसफर किए गए। पैसा कितना था और किन खातों में ट्रांसफर किया गया इसका पता पुलिस लगाने में जुटी है। दरसअल, नोटबंदी के बाद इतना पैसा एक साथ नकद के रूप में नहीं निकाला जा सकता है। ऐसे में जाहिर है पैसा अलग-अलग करीब आधा दर्जन खातों में ट्रांसफर किया गया होगा। वह बैंक अधिकारी की निगरानी में। ऐसे में पुलिस की चुनौती खातों को पता कर उनके ट्रांजेक्शन को फ्रीज करना होगा। बताते चले कि एब्लेज के फ्राड की जानकारी मिलने के बाद सेक्टर-18 स्थित बैंकों ने निवेशकों को पेमेंट करना बंद कर दिया था। उधर, बुधवार को भी निवेशक कंपनी के बाहर पहुंचे। लेकिन उन्हें वहां कुछ खास हासिल नहीं हो सका। वहीं, कुछ अन्य निवेशकों ने कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस से शिकायत की है।
किस गेटवे से किया था अनुबंध
इस खेल में सबसे महत्वपूर्ण गेटवे है। जिसके जरिए क्लिक करने वाले लोगों तक पैसा पहुंचता था और नया क्लिक लिंक भी। इसके लिए अनुराग गर्ग ने कितने रुपए देकर किस गेटवे से अनुबंध किया था। बताया गया गेटवे को पैसा समय पर नहीं मिलने से उसने अपना अनुबंध तक तोड़ दिया था। एब्लेज के अभिनव मित्तल ने भी पेमेंट गेटवे का प्रयोग किया था। एसटीएफ ने यह खुलासा रिमांड के दौरान पूछताछ में पता किया था। लिहाजा यहां भी गेटवे महत्वपूर्ण है।
आरोपी की तलाश में एसटीएफ व नोएडा पुलिस
आरोपी अनुराग गर्ग की तलाश में एसटीएफ की एक टीम लग चुकी है। यह वहीं टीम है जिसने अभिनव मित्तल केस को खोल कर रख दिया है। फिलहाल यह टीम जल्द से जल्द अनुराग के पास पहुंचना चाहती है। इसके लिए अनुराग के रिश्तों दरों के भी खातों को खंगाला जाएगा।
फिलहाल कंपनी पर नोटिस चस्पा के बाद से अनुराग फरार है।


