Top
Begin typing your search above and press return to search.

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को दो माह से वेतन नहीं

मेडिकल कालेज अस्पताल मे पदस्थ  एम डी डा. नंदन पिछले दो माह से डीन ए के आदिले की तानाशाही कार्यप्रणाली से न केवल परेशान हैं......

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को दो माह से वेतन नहीं
X

डीन पर प्रताड़ना का आरोप
रायगढ़। मेडिकल कालेज अस्पताल मे पदस्थ एम डी डा. नंदन पिछले दो माह से डीन ए के आदिले की तानाशाही कार्यप्रणाली से न केवल परेशान हैं बल्कि त्रस्त भी हो गये हैं। पहले बगैर जानकारी ड्यूटी से हटाना फिर अस्पताल मे डाक्टर केबिन पर जबरन तालाबंदी के आदेश के विरुद्ध डीन की कारगुजारी की शिकायत करने वाले कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक को परेशान करने अब डीन के आदेश पर डा. नंदन का वेतन रोक दिया गया है। परेशान डाक्टर ने इस पूरे मामले की शिकायत स्थानीय स्तर पर कलेक्टर से लेकर संभाग आयुक्त तथा डीएमई से भी की है, परंतु कहीं से राहत की उम्मीद तक नजर नहीं आती।

गौरतलब है कि मेडिकल कालेज अस्पताल मे बतौर प्रोफेसर पदस्थ डा.नंदन अस्पताल व कालेज दोनो स्थानों पर अपनी निर्बाध सेवायें देते आ रहे हैं, परंतु पिछले तीन साल से जिले मे पदस्थ डा. नंदन की मुश्किलें गत दो माह से कॉलेज के डीन ने केवल इसलिये बढा दी है क्योंकि उक्त डा. के द्वारा डीन के अमर्यादित भाषाशैली व कर्मचारी प्रताड़ना का विरोध किया जा रहा है। बकौल डा. नंदन स्व.लखीराम मेडिकल कॉलेज के प्रत्येक अधिनस्थ स्टाफ के साथ डा आदिले का रवैय्या बेहद क्रूर रहा है। इस बर्ताव का विरोध करने पर डा. नंदन को बगैर किसी ठोस वजह के न केवल नौकरी से हटाया गया बल्कि अस्पताल मे डाक्टर नंदन के कक्ष मे भी ताला लगा दिया गया । इस तानाशाहीपूर्ण निर्णय के विरुद्ध डा.नंदन उच्च स्तरीय शिकायत करने की तैयारी कर ही रहे थे कि उनका दो माह का वेतन भी डीन के आदेश पर रोक दिया गया।

पहले भी चलती रही मनमानी
डा. नंदन के कथनानुसार डीन आदिले से उनका साबका पहले भी पड चुका है और उस वक्त भी डा आदिले की धौंस और रोब का शिकार डा. नंदन को होना पड़ा है। बकौल डा. नंदन वर्ष 2008 मे जगदलपुर मेडिकल कॉलेज मे भी डीन के पद पर पदस्थ डा आदिले ने इसी कॉलेज मे पदस्थ चिकित्सक डा. नंदन से तीखी नोंक - -झोंक करते हुये न केवल उन्हे निलंबित किया बल्कि अप्रैल 2008 का वेतन भी काट दिया था । इसके बाद आपसी मान मनव्वल से डा. नंदन की बहाली तो हो गई परंतु बकाया वेतन नहीं मिला । इस एक माह के वेतन के लिये डा. नंदन ने 9 साल तक सरकारी अफसरों की ड्योढी पर सर पटका तब जाकर डा. नंदन के रायगढ़ पदस्थापना के बाद दिसंबर 2015 मे अप्रैल का बकाया वेतन मिला। डा.नंदन के मुताबिक डीन आदिले हमेशा ही अधीनस्थों को प्रताड़ित करते आ रहे हैं।

क्या है मामला
मेडिकल कॉलेज अस्पताल मे बढते नये विवाद के विषय मे बताते हुये डा. नंदन ने कहा कि जनवरी 2016 मे उनके वेतन मे कुछ वृद्धि की गई थी जिसका लाभ उन्हे 1 जनवरी से मिलना था परंतु डीन के आदेश से यह वृद्धि डा. नंदन को 24 जनवरी यानि माहांत से देने को कहा गया । डा. नंदन ने इसका विरोध किया और डीएमई से शिकायत कर 1 जनवरी से वेतन लाभ की स्वीकृति ले ली ।

इस दौरान डा. नंदन की डीन से तीखी नोंक - झोंक हुई और डीन ने उन्हे नौकरी से हटाने का निर्णय करते हुये डा. नंदन को परेशान करना शुरु किया । इसी कडी मे ओपीडी मे तालाबंदी की गई और पिछले दो माह से डा. नंदन को वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। डाक्टर नंदन का कहना है कि उनके ऊटर की गई कोई भी कार्यवाही न्यायसंगत संगत नहीं है। उनकी नियुक्ति चूंकि डीएमई से हुई है, इसलिये नौकरी से हटने का फैसला भी डीएमई को ही करना है। साथ ही डा. नंदन ने बताया कि उनके ऊपर लये गये किसी भी एक्शन से न तो उन्हे अवगत कराया गया है और न ही कोई नोटिस दी गई है।

कलेक्टर से भी लगाई गुहार
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डा. नंदन व डीन डा. आदिले के बीच बढती रार के मामले मे नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती शम्मी अबीदी ने भी अपने हाथ खींच लिये हैं। कलेक्टर ने इस मामले मे संभाग आयुक्त से शिकायत करने का सुझाव दिया है। हांलाकि अपने साथ हो रही ज्यादती की शिकायत डा. नंदन ने तमाम सरकारी महकमों से लेकर मानवाधिकार आयोग के समक्ष भी की है किंतु कोई भी मुकम्मल मदद की दिशा मे मदद करते नहीं दिख रहा ।
इस गतिविधि ने परेशान डाक्टर की निराशा बढा दी है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it