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‘सेरोगेसी मदर’ को भी मातृत्व अवकाश का हक

बिलासपुर ! हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सेरोगेसी पद्धति से संतान प्राप्त करने वाले कर्मचारी भी मातृत्व अवकाश के हकदार है।

‘सेरोगेसी मदर’ को भी मातृत्व अवकाश का हक
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मातृत्व अवकाश संवैधानिक अधिकार है - हाईकोर्ट

बिलासपुर ! हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सेरोगेसी पद्धति से संतान प्राप्त करने वाले कर्मचारी भी मातृत्व अवकाश के हकदार है। शासन ने याचिकाकर्ता को यह कहते हुए मातृत्व अवकाश देने से इंकार कर दिया था कि अवकाश नियम में सेरोगेसी पद्धति से संतान प्राप्त करने पर मातृत्व अवकाश देने का कोई प्रावधान है। हाईकोर्ट ने इसे नवजात के जीवन के अधिकार का उल्लंघन माना है। न्यायालय ने इसे अनुच्छेद 21 के तहत् संवैधानिक अधिकार कहा है।
याचिकाकर्ता साधना अग्रवाल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला उतई में व्याख्याता के पद पर कार्यरत है। विवाह के बाद लंबे समय के बाद नि:संतान होने के कारण वह सेरोगेसी पद्धति से जुड़वा बच्चों के मां बनी। इसके पश्चात् उसने मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जिसे यह कहते हुए निरस्तकर दिया गया कि छ.ग.सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2010 के अनुसार सेरोगेसी पद्धति से संतान प्राप्त करने पर शासकीय सेवक को मातृत्व अवकाश देने का कोई प्रावधान नहीं है। इस पर साधना अग्रवाल ने अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव के माध्यम से याचिका प्रस्तुत कर बताया कि छ.ग.सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2010 में प्रत्येक शासकीय सेवक जो मां बनती है उसे मातृत्व अवकाश का अधिकार है। मातृत्व अवकाश का उद्देश्य प्रसव काल एवं प्रसव के बाद नवजात की उचित देखभाल किया जाना है। वर्तमान प्रकरण में याचिकाकर्ता ने बच्चे को सीधे जन्म नहीं दिया किन्तु जन्म के तुरंत बाद जुड़वा बच्चे याचिकाकर्ता को सौप दिए गए। यदि मातृत्व अवकाश नहीं दिया गया तो नवजात बच्चे उचित पालन पोषण से वंचित हो जाएंगे। मातृत्व अवकाश माता-पिता एवं नवजात के बीच उचित संबंध स्थापित करना भी है एवं याचिकाकर्ता को उक्त अवकाश न देना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 21 का उल्लंघन है। सुनवाई पश्चात उच्च न्यायालय ने फैसले में कहा कि छ.ग.सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2010 में पाकृतिक मां एवं सेरोगेसी पद्धति से संतान प्राप्त की मां के बीच किसी प्रकार को कोई भी भेद नहीं है एवं इस प्रकार का विभेद गैर संविधानिक है एवं नवजात के जीने के अधिकार का उल्लंघन है। अत: सेरोगेसी पद्धति से संतान प्राप्त करने वाले शासकीय कर्मचारी को भी समान रुप से मातृत्व अवकाश का अधिकार है एवं याचिकाकर्ता को उक्तानुसार मातृत्व अवकाश का लाभ दिया जावे।


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