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मार्कफेड के संविदाकर्मियों की हड़ताल से चरमरायी धान खरीदी

जांजगीर ! विपणन विभाग में पदस्थ जिले भर के लगभग 200 संविदा कर्मियों के आंदोलन में चले जाने असर आज दूसरे दिन धान खरीदी व्यवस्था पर देखने को मिला।

मार्कफेड के संविदाकर्मियों की हड़ताल से चरमरायी धान खरीदी
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जिले के 200 कर्मचारी बैठे धरने पर, धान से लदी ट्रको की लगी कता

जांजगीर ! विपणन विभाग में पदस्थ जिले भर के लगभग 200 संविदा कर्मियों के आंदोलन में चले जाने असर आज दूसरे दिन धान खरीदी व्यवस्था पर देखने को मिला। जहां खरीदी केन्द्रों से आये ट्रको की संग्रहण केन्द्रों के सामने लम्बी कतारे बनी रही। आंदोलन के चलते इन ट्रको का धान खाली नहीं कराया जा सका। ऐसे करीब 300 गाडिय़ां अभी भी खड़ी हुई है। विभाग हांलाकि व्यवस्था बनाने की बात कह रही है। मगर आशंका यह जतायी जा रही है कि कही आंदोलन लम्बा चला तो धान खरीदी व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जायेगी। जिससे शासन को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राज्य सरकार द्वारा की जा रही सीधी भर्ती के विरोध में विपणन में पिछले 8 साल से काम कर रहे संविदा कर्मचारी बुधवार से हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल से मार्कफेड व संग्रहण केंद्र का काम ठप हो। जिले में मार्कफेड विभाग में नौ साल पहले वर्ष 2007 में सहायक प्रोग्रामर, डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पद पर संविदा नियुक्ति की गई थी। जिले में इस विभाग में करीब 60-70 कर्मचारी संविदा पद पर काम कर रहे हैं। इनको हटाने व नई सीधी भर्ती करने की प्रक्रिया सरकार कर रही है, सरकार की इस नीति से संविदा कर्मचारी प्रभावित हो रहें।
सीधी भर्ती से पूर्व से काम कर रहे लोग बाहर हो जाएंगे। ऐसे में ये कर्मचारी भर्ती में उन्हें प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिसके कारण धान का उठाव करने के लिए नया डीओ व टीओ नहीं कट पाया पुराना डीओ के आधार पर खरीदी केंद्रों से धान का उठाव किया गया। मगर कर्मचारियों के हड़ताल की वजह से धान लदी ट्रके खाली नहीं हो पायी। क्षेत्र सहायक व लेखापाल के पद पर की जा रही सीधी भर्ती में पूर्व से काम रहे लोगों को प्राथमिकता दी जाए। समान काम के अनुसार उन्हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह समान वेतन दिया जाए। नौ सालों से सेवा दे रहे हैं इसलिए अब उन्हें नियमित किया जाए। नहीं लौटे तो काम पर नहीं लेने की चेतावनी संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से मार्कफेड का काम पूरी तरह से प्रभावित हुआ है, इस वजह से मंगलवार को ही कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है, कई संग्रहण केंद्रों में नोटिस चस्पा कर दी गई है कि काम पर नहीं लौटे तो उन्हें काम पर रखा ही नहीं जाएगा।
मार्कफेड के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से जिले के सभी संग्रहण केंद्र बोड़ासागर सेरो, जांजगीर, अकलतरा, डभरा और सक्ती में खरीदी केंद्रों से धान लेकर पहुंचे ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण खाली नहीं हो सके। क्योंकि इस वर्ष से संग्रहण केंद्र में आने अथवा जाने वाले वाहनों का फोटो भी टैबलेट से लिया जाता है, इसी टैब में फोटो खिंचने से भौतिक सत्यापन हो पाता है, बुधवार को यह काम नहीं हो सका जिसके कारण ट्रकों की एंट्री भी नहीं हो पाई। मार्कफेड में हड़ताल के चलते धान से लोड ट्रक दिनभर खड़े रहे।
कार्य ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ - डीएमओ
इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी डीसी वर्मा का कहना है कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के आंदोलन पर जाने से फिलहाल कार्य ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है। आंदोलन लम्बा चलते की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कार्य योजना बनायी जा रही है।


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