महासमुंद : समस्या निवारण शिविर में मिले 143 आवेदन, 111 का मौके पर निराकरण
राज्य शासन के मंशानुरूप एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बुधवार को महासमुंद विकासखंड के ग्राम बावनकेरा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया

महासमुंद । राज्य शासन के मंशानुरूप एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बुधवार को महासमुंद विकासखंड के ग्राम बावनकेरा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।
ग्राम बावनकेरा के शासकीय हाईस्कूल में आयोजित इस शिविर में आसपास के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भी अपनी-अपनी मांग, शिकायत एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
शिवर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए नागरिकों को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
जनसमस्या निवारण शिविर में 143 मांग, समस्याओं एवं शिकयतों से संबंधित प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 111 आवेदनों का निराकरण किया गया तथा 32 आवेदनों के निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर निराकरण किया जाएगा।
इस दौरान महासमुंद जनपद पंचायत के अध्यक्ष धरमदास महिलांग, जिला पंचायत सदस्य श्री लक्ष्मण पटेल, जनपद पंचायत सदस्य श्री योगेश्वर चन्द्राकर, ग्राम पंचायत बावनकेरा के सरंपच बंसत सिन्हा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती आभा तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी बीएल कुर्रे, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के उप संचालक डॉ. डीडी झारिया सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारीगण एवं आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंच तथा जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
शिविर में महासमुंद जनपद पंचायत के अध्यक्ष धरमदास महिलांग ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से काफी लोगों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण ििशवर स्थल पर ही किया जाता है।
जिन समस्याओं का निराकरण शिविर स्थल पर नहीं हो पाता उसके लिए समय-सीमा निर्धारित की जाती है और उनकी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों का निराकरण किया जाता है।
यह शासन की बहुत ही अच्छी पहल है। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण पटेल ने कहा कि शिविर में जिला प्रशासन के सभी अधिकारी पहुंचकर आम नागरिकों के समस्याओं का यथासंभव निराकरण करने का प्रयास करते है। शासन द्वारा जो योजनाएं संचालित की जाती है, उसका अच्छे से क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार करना शासकीय अधिकारी-कर्मचारी का दायित्व है।


