मंदिर चंदा विवाद की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, श्रद्धालुओं का भरोसा नहीं बचा पा रही सरकार: भाई जगताप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एमएलसी भाई जगताप ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान विवाद पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एमएलसी भाई जगताप ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान विवाद पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
भाई जगताप ने कहा, "राम मंदिर के मुद्दे पर सरकार को शर्म आनी चाहिए। आपने राम मंदिर आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाया और उसी की वजह से सत्ता में आए, फिर भी आज मंदिर में ऐसी गड़बड़ियां हो रही हैं। इसके बावजूद, ऐसा लगता है कि आप हालात की गंभीरता को समझ नहीं पा रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि सरकार को अब सभी मंदिरों की जांच करानी चाहिए, जिससे और जगह की सच्चाई सामने आ सके। अभी तो केवल एक ही मंदिर की बात आई है, देखकर ऐसा लगता है कि कई मंदिरों में होगा। इन सब कामों से देश की बदनामी हो रही है और लोगों का विश्वास भी टूट रहा है। सबसे पहले सरकार को पता करना चाहिए कि कौन लोग इस तरह के हैं, जो ये काम कर रहे हैं।
एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि कम से कम जो लोग मंदिर जा रहे हैं, वे दान कर रहे हैं, उन लोगों को उस पर विश्वास रहना चाहिए, कोई पांच रुपए दान कर रहा है तो कोई 500 रुपए, वह एक विश्वास पर ही कर रहा है, जिसका विश्वास बनाए रखने का काम सरकार का है, जिसे सरकार नहीं कर पा रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान अगर आज इंदिरा गांधी जिंदा होतीं तो भाजपा को बैन कर दिया होता इस पर भाई जगताप ने कहा कि मीडिया उनके बयान को पूरा नहीं दिखाती है। हमको पहले पूरा जान लेना चाहिए, इसके बाद ही कुछ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को शर्म आनी चाहिए। ये लोग पहले संविधान को मांथे पर लगाते हैं, उसके बाद उसी का अपमान करते हैं। आज जिस तरह का माहौल इस देश में देखने को मिल रहा है आज तक कभी ऐसा देखने को नहीं मिला था। भाजपा के राज में देश की स्थिति खराब होती जा रही है।
एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि भाजपा के नेता आज देश में हिंदू- मुस्लिम करके माहौल खराब कर रहे हैं। इन लोगों के पास कोई मुद्दा नहीं रहता है। इसकी वजह से देश का हाल खराब हुआ है।


