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विधायक रोहित पवार का आरोप- '70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी से रह जाएंगे वंचित', राम मंदिर और उद्धव के दौरे पर भी दिया जवाब

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एनसीपी-एसपी पार्टी के विधायक रोहित पवार ने उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे और राज्यों में किसानों के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसान आज भी भारी चिंता में है। सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया।

विधायक रोहित पवार का आरोप- 70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी से रह जाएंगे वंचित, राम मंदिर और उद्धव के दौरे पर भी दिया जवाब
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छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एनसीपी-एसपी पार्टी के विधायक रोहित पवार ने उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे और राज्यों में किसानों के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसान आज भी भारी चिंता में है। सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया।

शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख को लेकर रोहित पवार ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "उद्धव ठाकरे अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, क्योंकि उनके कई सांसद दूसरे पक्ष में चले गए हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे हर जिले में जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे।"

किसानों के मुद्दे पर एनसीपी-एसपी विधायक ने कहा, "किसान आज भी भारी चिंता में है। सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों को फंसाया है और उनकी पार्टी का उद्देश्य किसानों को न्याय दिलाना है।

इसी दौरान, पायलट प्रोजेक्ट के तहत फर्टिलाइजर वितरण के सवाल पर रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में हर रोज करीब छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों को खाद, डीजल और खेती से जुड़ी जरूरी चीजें समय पर नहीं मिल रही हैं और उनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दिखावा अधिक करती है। सरकार ने कर्जमाफी के लिए जो टर्म्स एंड कंडीशन रखी हैं, उसके कारण करीब 70 प्रतिशत किसान कर्जमाफी से वंचित रह जाएंगे और यह पूरी तरह की कर्जमाफी नहीं होगी।

एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार ने कहा कि पिछले साल बारिश के कारण पूरे राज्य में कृषि का नुकसान 35 हजार करोड़ रुपए का हुआ था। सरकार ने 31 हजार करोड़ रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन लोगों के हाथों में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए आए। 20 हजार करोड़ रुपए किसानों तक इसलिए नहीं पहुंचे कि वहां सरकार ने कुछ शर्तें रखी थीं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों की मदद करना चाहती है तो फर्टिलाइजर की कीमत कम की जानी चाहिए। उपलब्धता को भी बढ़ाने की जरूरत है।

राम मंदिर में कथित पैसों की गड़बड़ी के मुद्दे पर रोहित पवार ने कहा कि लोगों ने श्रद्धा से दान दिया था और सभी की अपेक्षा थी कि वहां एक अच्छा मंदिर बने और अतिरिक्त पैसे का उपयोग गरीब श्रद्धालुओं की सेवा के लिए हो। लेकिन जिस तरह भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों पर आरोप लग रहे हैं, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

रोहित पवार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार धर्म के नाम पर वोट मांगती है और सत्ता में आने के बाद धार्मिक संस्थानों में भ्रष्टाचार होता है। उन्होंने उज्जैन और नासिक महाकुंभ की तैयारियों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। रोहित पवार ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से लोग काफी गुस्से में हैं। हम सभी की मांग है कि आरोपियों को सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा के पास बहुत पैसा है और अलग-अलग स्तर पर पैसे की उगाही की जा रही है। शक्तिपीठ मार्ग परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी 40 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार की आशंका है।

रोहित पवार ने कहा कि राम मंदिर के ट्रस्ट में शामिल लोगों ने अपने घर भरे हैं और संपत्तियां खरीदी हैं। दान के पैसे को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा, "धर्म में कभी स्वार्थ नहीं होना चाहिए, लेकिन भाजपा के हिंदुत्व में स्वार्थ है।"



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