मुंबई पुलिस वैन के वायरल वीडियो पर बोलीं रिया अहीर: "छात्रों के हक की लड़ाई में हुई थी गिरफ्तारी, पीछे हटने का सवाल नहीं"
मुंबई में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़े होकर सुर्खियों में आईं रिया अहीर ने अपने कदम, वायरल वीडियो और आंदोलन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें डर जरूर था, लेकिन उन्हें लगा कि अगर सच के लिए आवाज उठानी है तो डर से आगे बढ़ना होगा। रिया ने बताया कि उन्होंने जो किया, वह हालात को देखकर उठाया गया कदम था, क्योंकि उस वैन को रोकने का और कोई रास्ता नहीं था।

मुंबई। मुंबई में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़े होकर सुर्खियों में आईं रिया अहीर ने अपने कदम, वायरल वीडियो और आंदोलन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें डर जरूर था, लेकिन उन्हें लगा कि अगर सच के लिए आवाज उठानी है तो डर से आगे बढ़ना होगा। रिया ने बताया कि उन्होंने जो किया, वह हालात को देखकर उठाया गया कदम था, क्योंकि उस वैन को रोकने का और कोई रास्ता नहीं था।
रिया ने कहा कि हर इंसान के अंदर किसी न किसी चीज को लेकर डर होता है। उनके अंदर भी डर था लेकिन वह यह जानना चाहती थीं कि क्या डर के आगे सच में जीत होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका यह कदम इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा और वीडियो इतनी तेजी से वायरल हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वहां पहुंची थीं। जब वह आंदोलन स्थल की तरफ जा रही थीं, तभी उन्होंने देखा कि पुलिस की गाड़ी के अंदर कई बच्चे मौजूद हैं। रिया ने कहा कि वह दृश्य देखकर उन्हें लगा कि अगर बच्चे अपनी आवाज उठाने के लिए वहां हैं, तो उन्हें भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
रिया ने कहा, "आप सोचिए, आपके सामने पुलिस की वैन है और उसमें बच्चे बैठे हैं। अगर यह देश और छात्रों से जुड़ा मुद्दा है, तो मेरी लड़ाई यहीं से शुरू होती है।" उन्होंने बताया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा कि क्या उनके पास बच्चों को रोकने का कोई आदेश या अनुमति है। जब उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तो उनका विश्वास और मजबूत हुआ कि वह सही सवाल उठा रही हैं।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपना हाथ आगे बढ़ाया और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वैन धीरे-धीरे चल रही थी और उसकी सीड़ियों पर पुलिस खड़ी थी। ऐसे में किसी को निकाल पाना मुश्किल था।
रिया ने कहा, "मुझे लगा कि वे मुझे भी घसीटकर ले जा सकते हैं, लेकिन फिर मैंने आस-पास देखा और महसूस किया कि वहाँ जगह ही नहीं बची थी, तो वे मुझे कहां रखते?" उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का डर था कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है या पुलिस कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि हर छात्र के मन में यह डर रहता है कि कहीं उसका भविष्य प्रभावित न हो जाए, लेकिन उन्होंने फैसला किया कि डर की वजह से पीछे नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने कहा, "कल रात मुझे डर लग रहा था। मैं सुबह 5:30 बजे तक सो नहीं पाई। मुझे अपने परिवार की चिंता ज़रूर हो रही थी। लेकिन जब मैंने उन्हें बताया कि पुलिस आ सकती है, तो उन्होंने बस इतना कहा, 'तो क्या हुआ? हम संभाल लेंगे। हम इससे निपट लेंगे।' जब आपका परिवार इतना हिम्मतवाला और साथ देने वाला हो, जो सही के लिए खड़ा हो और गलत के खिलाफ आवाज उठाए, तो इससे आपको बहुत हिम्मत मिलती है। ऐसा साथ आपको किसी भी हालात का सामना करने का भरोसा देता है।"
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और कई विपक्षी नेताओं द्वारा उनकी तस्वीर शेयर किए जाने पर रिया ने कहा, "उन्हें वोट चाहिए इसलिए वो तो पोस्ट करेंगे ही। मैं खुद को किसी खास राजनीतिक पार्टी की रैली से नहीं जोड़ना चाहती, क्योंकि तब वह उस पार्टी की विचारधारा से जुड़ जाती है। अगर छात्रों के अधिकारों के लिए कोई मार्च निकाला जा रहा है, तो उसे छात्रों का आंदोलन माना जाना चाहिए, न कि किसी एक राजनीतिक पार्टी का।"
देशभर में चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर रिया ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। छात्र मेहनत करके डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन अगर व्यवस्था में समस्याएं होंगी तो उनकी मेहनत प्रभावित होगी।
उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो उसे स्वीकार करना चाहिए। जैसे माता-पिता बच्चों को गलती मानने और सुधारने की सीख देते हैं, वैसे ही सरकारों को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए रिया ने कहा कि वह केवल वादों पर भरोसा नहीं करना चाहतीं। उन्होंने कहा कि सरकारों को अपने काम के जरिए भरोसा पैदा करना चाहिए। युवाओं की मांग केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई है।


