Top
Begin typing your search above and press return to search.

मालेगांव के डिप्टी मेयर कार्यालय में टीपू सुल्तान की फोटो लगाना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान : संजय निरुपम

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने के विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने कहा कि देश के महापुरुषों की तस्‍वीर लगाने के बदले टीपू सुल्‍तान की तस्‍वीर लगाना निंदनीय है

मालेगांव के डिप्टी मेयर कार्यालय में टीपू सुल्तान की फोटो लगाना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान : संजय निरुपम
X

मुंबई। शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने के विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने कहा कि देश के महापुरुषों की तस्‍वीर लगाने के बदले टीपू सुल्‍तान की तस्‍वीर लगाना निंदनीय है। देश के लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।

उन्होंने कहा कि मालेगांव पहले से ही कट्टरपंथी तत्वों के लिए कुख्यात रहा है और देश में जब भी बड़ा बम विस्फोट होता है तो उसका कोई न कोई संबंध मालेगांव से जुड़ता रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव के बाद एक कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी पार्टी के जीतकर आने के संकेत पहले ही मिल गए थे। निरुपम ने कहा कि मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में डिप्टी मेयर के कार्यालय में केवल टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने की घटना आपत्तिजनक है। उनके अनुसार, टीपू सुल्तान राष्ट्रपुरुष नहीं थे, बल्कि एक रियासत के प्रमुख थे, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ मैसूर में सत्ता बचाने के लिए युद्ध लड़ा, न कि देश की आजादी के लिए।

उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान को स्वतंत्रता सेनानी बताना देश के लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। निरुपम ने यह भी कहा कि देश के अन्य महापुरुषों की तस्वीरों को दरकिनार कर केवल टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाना एक विशेष मानसिकता को दर्शाता है, जो मुख्यधारा से अलग होने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मेयर या डिप्टी मेयर संविधान के तहत चुने गए प्रतिनिधि होते हैं और उन्हें सरकारी नियम-कानूनों का सम्मान करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर सकती है।

दरअसल, महाराष्ट्र के मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की फोटो लगाए जाने के बाद माहौल गर्म हो गया। इसके बाद कई संगठनों और नेताओं के विरोध के बाद आखिरकार प्रशासन ने फोटो हटा दी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it