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अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, थाईलैंड से भारत किया गया डिपोर्ट

महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया है

अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, थाईलैंड से भारत किया गया डिपोर्ट
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पुणे। महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सौरभ उर्फ गणेश काले लंबे समय से विदेश में बैठकर साइबर अपराधों का संचालन कर रहा था।

पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सौरभ उर्फ गणेश काले ऑनलाइन टास्क फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर साइबर अपराधों में शामिल था। वह दुबई से पूरे नेटवर्क को संचालित करता था और बाद में थाईलैंड भाग गया था।

यह मामला देहू रोड, हिंजवडी और साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन अलग-अलग एफआईआर की जांच के दौरान सामने आया। जांच में पहले ही इस गिरोह से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली कि यह मास्टरमाइंड विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था और भारत में मौजूद एजेंटों को निर्देश दे रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि एक अन्य गिरफ्तार आरोपी दीपक गाढ़े दुबई गया था, जहां उसने गणेश काले से मुलाकात की थी। इसके बाद पूरे सिंडिकेट के संचालन में तेजी आई और कई लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और लुकआउट सर्कुलर जारी करवाए। इसके लिए यूएई और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया गया। आरोपी को थाईलैंड में डिटेन किया गया और बाद में उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। लंबी कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बाद आरोपी को भारत प्रत्यर्पित किया गया। जैसे ही वह मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचा, पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई लगभग डेढ़ वर्ष की मेहनत का परिणाम है। इस दौरान साइबर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों और जांच टीम ने लगातार काम किया। इसके अलावा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद अब आरोपी से पूछताछ की जाएगी, ताकि उसके पूरे नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और भारत में सक्रिय सहयोगियों की जानकारी प्राप्त की जा सके।


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