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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का ऐलान, 'दोबारा परीक्षा होगी, अभ्यर्थियों से नहीं लिया जाएगा शुल्क'

महाराष्ट्र विधानसभा में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक मामले पर शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सरकार की ओर से निवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का ऐलान, दोबारा परीक्षा होगी, अभ्यर्थियों से नहीं लिया जाएगा शुल्क
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मुंबई)। महाराष्ट्र विधानसभा में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक मामले पर शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सरकार की ओर से निवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों से पुनर्परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 की धारा 11 (1), (2), (3), 12 (1), (2) के साथ-साथ महाराष्ट्र विश्वविद्यालयों के मंडल और अन्य निर्दिष्ट परीक्षाओं में होने वाले कदाचार रोकथाम अधिनियम 1982 की धारा 6, 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसी के साथ इस मामले में तीन आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामला संवेदनशील है और दर्ज मामले की गंभीरता और व्यापकता को ध्यान में रखते हुए, पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के आदेशानुसार, पुलिस सह-आयुक्त (अपराध), ठाणे शहर की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन शनिवार को करके मामला उनके पास स्थानांतरित कर दिया गया है।

मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुरू कर दी है। इसी के साथ पेपर लीक मामले की जांच के लिए बिहार में दो टीमें, हरियाणा में एक टीम और दिल्ली में एक टीम रवाना की गई। घटना में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और वे पुलिस हिरासत में हैं।

उन्होंने कहा कि रविवार को आयोजित होने वाली टीईटी के पेपर लीक मामले में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उन आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने के संबंध में भी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि टीईटी दोबारा पारदर्शी तरीके से, अनुशासित माहौल में संपन्न कराने के दृष्टिकोण से आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि टीईटी की दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा, क्योंकि वह पहले ही स्वीकार किया जा चुका है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से टीईटी और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह से पारदर्शी और अनुशासित माहौल में ऑनलाइन पद्धति से संपन्न कराने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने हेतु, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति राज्य सरकार के सभी विभागों की परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने की संभावना का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।



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