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Maharashtra Politics: एक मंच पर फडणवीस, उद्धव और राज ठाकरे, 2019 की याद दिलाकर CM ने ली चुटकी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि कुछ लोग अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को एक मंच पर देखकर हैरान क्यों हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच संवाद और मेलजोल की परंपरा रही है।

Maharashtra Politics: एक मंच पर फडणवीस, उद्धव और राज ठाकरे, 2019 की याद दिलाकर CM ने ली चुटकी
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मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी। मुंबई में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। तीनों नेताओं की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि महाराष्ट्र की राजनीति में इनके बीच लंबे समय से अलग-अलग समीकरण और मतभेद रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ किया कि अलग-अलग दलों के नेताओं का एक मंच पर आना महाराष्ट्र की राजनीतिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। यह कार्यक्रम कार्टूनिस्टों के काम और उनके योगदान पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्र ची हास्यरेषा’ यानी ‘द लाफ्टर लाइन्स ऑफ महाराष्ट्र’ के विमोचन के लिए आयोजित किया गया था। इस पुस्तक में 75 कार्टूनिस्टों के काम और उनकी प्रोफाइल को शामिल किया गया है।

‘एक मंच पर देखकर हैरान क्यों होते हैं लोग?’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि कुछ लोग अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को एक मंच पर देखकर हैरान क्यों हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच संवाद और मेलजोल की परंपरा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अलग-अलग पार्टियों के नेता एक ही कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, साथ बैठ सकते हैं, हंस सकते हैं और चाय भी पी सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कला और संस्कृति जैसे विषय राजनीति से अलग होकर भी लोगों को एक साथ लाने का काम करते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने राज ठाकरे का निमंत्रण स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के लिए राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखना चाहिए।

राज ठाकरे की टिप्पणी पर गूंजे ठहाके

कार्यक्रम में उस समय माहौल हल्का-फुल्का हो गया, जब राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को बार-बार आमंत्रित करने की बात कही। हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि आशीष शेलार को यह सुनिश्चित करना होगा कि फडणवीस 2029 तक मुख्यमंत्री बने रहें। उनकी इस टिप्पणी पर सभागार में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंज उठे। इसके जवाब में फडणवीस ने भी मजाकिया अंदाज अपनाया। उन्होंने कहा कि वह उद्धव ठाकरे समेत सभी लोगों का निमंत्रण स्वीकार करते हैं। मुख्यमंत्री ने 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस साल तक उद्धव ठाकरे जब भी उन्हें बुलाते थे, वह जाते थे, लेकिन 2019 के बाद उन्हें निमंत्रण नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह तब से इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे पर भाजपा और अविभाजित शिवसेना के बीच मतभेद गहरा गए थे। इसके बाद दोनों दलों का गठबंधन टूट गया और वे अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर आगे बढ़े।

कार्टूनिस्टों के लिए गैलरी बनाने की इच्छा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कार्यक्रम के दौरान मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक समर्पित गैलरी स्थापित करने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वह उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का सहयोग मांगेंगे। उन्होंने पुस्तक तैयार करने के लिए संपादक प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली संस्था की सराहना की। फडणवीस के मुताबिक, यह संग्रह पुराने कार्टूनों को उनके ऐतिहासिक संदर्भों के साथ सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्टून केवल हास्य का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे अपने समय की राजनीति, समाज और घटनाओं पर टिप्पणी भी करते हैं।

उद्धव ठाकरे ने कार्टून को बताया बड़ा हथियार

कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे ने कार्टून कला के महत्व पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्टूनिस्ट का ब्रश उसका सबसे बड़ा हथियार होता है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल ठाकरे के निर्माणाधीन स्मारक में उनके बनाए कार्टूनों को भी जगह दी जाएगी। उद्धव ठाकरे ने विमोचित पुस्तक को अनमोल खजाना बताते हुए कहा कि इसमें करीब 100 वर्षों का इतिहास समेटा गया है। वहीं, राज ठाकरे ने कार्यक्रम के बाद कहा कि कुछ मंच ऐसे होते हैं, जहां नेता राजनीति को किनारे रखकर कला और संस्कृति पर चर्चा कर सकते हैं।


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