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महाराष्ट्र: नाना पटोले सीधे उरण के जेएनपीए बंदरगाह पहुंचे, कंटेनरों में फंसे माल का किया निरीक्षण

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत के आयात-निर्यात पर भी दिखाई देने लगा है। देश से विदेश भेजे जाने वाला बड़ी मात्रा में माल कंटेनरों में ही फंसा हुआ है

महाराष्ट्र: नाना पटोले सीधे उरण के जेएनपीए बंदरगाह पहुंचे, कंटेनरों में फंसे माल का किया निरीक्षण
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नवी मुंबई। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत के आयात-निर्यात पर भी दिखाई देने लगा है। देश से विदेश भेजे जाने वाला बड़ी मात्रा में माल कंटेनरों में ही फंसा हुआ है। ये कंटेनर उरण स्थित जेएनपीए बंदरगाह पर खड़े हैं। इसी स्थिति का जायजा लेने के लिए कांग्रेस विधायक नाना पटोले सीधे बंदरगाह पहुंचे और वहां कंटेनरों में अटके माल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही स्तर की सरकारें वास्तविक स्थिति को लेकर सच नहीं बता रही हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय में वह कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरी जानकारी देंगे और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग करेंगे।

पटोले ने यह भी कहा कि इस गंभीर स्थिति को लेकर वह कल विधानसभा में भी मुद्दा उठाएंगे और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे, ताकि प्रभावित किसानों और व्यापारियों को राहत मिल सके।

वहीं, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से गैस और तेल संकट ने दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाला है। गैस संकट की वजह से मोरबी सिरेमिक इंडस्ट्री बंद होने की कगार पर है। सिरेमिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मनोजभाई ने बताया कि अब तक 100 यूनिट बंद हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में प्रोपेन गैस इस्तेमाल करने वाली सभी यूनिट बंद करनी पड़ेंगी। नैचुरल गैस की सप्लाई में भी अनिश्चितता है। सिरेमिक इंडस्ट्री लगातार प्रोडक्शन करती रहती है और अगर गैस सप्लाई रुकी तो फैक्ट्री बंद करनी पड़ेगी।

एक दिन पहले 9 मार्च को विपक्ष ने सरकार से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर चर्चा की मांग की। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने कहा कि यह मुद्दा सीधे देश के आम लोगों और भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, इसलिए इस पर संसद में गंभीर बहस जरूरी है।

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि मौजूदा हालात की गंभीरता और पूरे क्षेत्र पर उसके असर को देखते हुए संसद में इस विषय पर चर्चा कराना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है, ताकि सदन में तुरंत चर्चा हो सके। पार्टी लोकसभा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लेकर आई है, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी मुद्दा देश के आम लोगों पर पड़ रहा असर है।


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