महाराष्ट्र पहाड़ हादसे में नया खुलासा: आईफोन नहीं, माता-पिता को साथ लाना चाहता था कुणाल
कुणाल चांदगुडे सुबह करीब 8 बजे घर से आकाश इंस्टीट्यूट जाने के लिए निकला था। जब वह सुबह 9:10 बजे तक क्लास में नहीं पहुंचा तो संस्थान की ओर से उसकी मां के मोबाइल पर संदेश भेजा गया।

छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 21 अगस्त को सामने आए पिता, मां और बेटे की मौत के मामले में जांच के दौरान कई नई बातें सामने आई हैं। शुरुआती तौर पर सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि बेटे कुणाल चांदगुडे ने आईफोन की किश्तों को लेकर तनाव में यह कदम उठाया था। हालांकि, परिवार की ओर से इस दावे को खारिज किया गया है। कुणाल की मौसी पल्लवी ने साफ कहा कि घटना का मोबाइल फोन से कोई संबंध नहीं था और लोगों को बिना पूरी जानकारी के अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। पुलिस की जांच और परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बयानों से संकेत मिलता है कि मामले की पृष्ठभूमि पारिवारिक तनाव से जुड़ी थी। बताया जा रहा है कि कुणाल चाहता था कि उसके माता-पिता के बीच मतभेद खत्म हों और दोनों साथ रहें। इसी वजह से वह उन्हें साथ लाने की कोशिश कर रहा था।
सुबह घर से निकला था कुणाल
छत्रपति संभाजीनगर के डीसीपी जोन-2 पंकज अतुलकर के मुताबिक, कुणाल चांदगुडे सुबह करीब 8 बजे घर से आकाश इंस्टीट्यूट जाने के लिए निकला था। जब वह सुबह 9:10 बजे तक क्लास में नहीं पहुंचा तो संस्थान की ओर से उसकी मां के मोबाइल पर संदेश भेजा गया। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच उसके खुवड़िया पहाड़ पर होने की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने करीब 10:45 बजे पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लगभग 11:30 बजे फायर ब्रिगेड को भी घटना की जानकारी दी गई और बचाव दल मौके के लिए रवाना हुआ।
लगातार बदल रहा था कुणाल का स्थान
फायर ब्रिगेड की टीम जब पहाड़ी पर पहुंची तो कुणाल ऊपर मौजूद था और लगातार अपनी जगह बदल रहा था। रेस्क्यू टीम ने उसे समझाने और सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश की। संभावित खतरे को देखते हुए नीचे सुरक्षा जाल भी लगाया गया था, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में उसे बचाया जा सके। पुलिस के अनुसार, कुणाल को समझाने के लिए उसके माता-पिता समेत कुछ अन्य लोग भी पहाड़ी पर पहुंचे थे। इसी दौरान घटनाक्रम ने अचानक गंभीर रूप ले लिया।
पिता-पुत्र के गिरने के बाद मां की भी मौत
पुलिस के मुताबिक, कुणाल के पिता मुरलीधर उसके करीब पहुंचे और उसका हाथ पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पहाड़ी से नीचे गिर गए। पथरीले इलाके में गिरने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके कुछ ही समय बाद कुणाल की मां संगीता भी नीचे गिर गईं और उनकी भी मौत हो गई। फायर ब्रिगेड अधिकारी सैयद सईद के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान विभाग के एक कर्मचारी को भी मामूली चोट लगी। तीनों शवों को दोपहर करीब 2:30 बजे घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
परिवार ने आईफोन वाली बात को बताया अफवाह
कुणाल की मौसी पल्लवी ने आईफोन की किश्तों को घटना की वजह बताए जाने से इनकार किया है। उनका कहना है कि इस घटना को मोबाइल फोन से जोड़ना सही नहीं है। परिवार की ओर से बताया गया कि कुणाल की इच्छा थी कि उसके माता-पिता अपने मतभेद खत्म कर साथ रहें। हालांकि, दंपती के बीच तलाक हुआ था या नहीं, इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि परिवार में पिछले दो-तीन महीनों से विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
मां ने घटना से एक दिन पहले किया था वीडियो पोस्ट
घटना से एक दिन पहले, यानी 20 अगस्त को संगीता चांदगुडे ने अपने यूट्यूब चैनल पर रिश्तों और प्यार की अहमियत से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उन्होंने रिश्तों में प्यार और भावनाओं के महत्व पर बात की थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। संगीता के मायके पक्ष के लोगों के मुताबिक, मुरलीधर और संगीता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसमें संपत्ति से जुड़े विवाद भी शामिल थे। परिवार के अनुसार, कुणाल चाहता था कि माता-पिता के बीच चल रहे मतभेद खत्म हों।
पिता के परिवार ने बताई अलग पृष्ठभूमि
वहीं, मुरलीधर के परिवार की ओर से इस रिश्ते को लेकर अलग जानकारी सामने आई है। मुरलीधर की बहन शोभा राजेंद्र मस्के के मुताबिक, मुरलीधर और संगीता ने करीब 22 साल पहले प्रेम विवाह किया था। उनके अनुसार, मुरलीधर के माता-पिता इस शादी के पक्ष में नहीं थे और शादी में शामिल भी नहीं हुए थे। शोभा का दावा है कि संगीता को ससुराल पक्ष की ओर से कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया गया। इस पारिवारिक पृष्ठभूमि और हाल के विवादों को देखते हुए पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावों के बजाय प्रत्यक्षदर्शियों, परिवार के बयानों, घटनास्थल से मिले तथ्यों और रेस्क्यू टीम की जानकारी के आधार पर मामले की तस्वीर स्पष्ट करने में जुटी है।


