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महाराष्ट्र एफडीए ने सिप्ला की पुणे इकाई का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द किया

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सिप्ला कंपनी की 'रिएक्टिन प्लस' टैबलेट से संबंधित निरीक्षणों के दौरान पाई गई गंभीर खामियां पाई हैं। इन अनियमितताओं के कारण पुणे के वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की कैरी एंड फॉरवर्डिंग (सी एंड एफ) सुविधा का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया है।

महाराष्ट्र एफडीए ने सिप्ला की पुणे इकाई का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द किया
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मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सिप्ला कंपनी की 'रिएक्टिन प्लस' टैबलेट से संबंधित निरीक्षणों के दौरान पाई गई गंभीर खामियां पाई हैं। इन अनियमितताओं के कारण पुणे के वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की कैरी एंड फॉरवर्डिंग (सी एंड एफ) सुविधा का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया है।

जून में हुए निरीक्षण के दौरान एफडीए अधिकारियों ने अनुसूची एच के अंतर्गत आने वाली दवा रिएक्टिन प्लस की पैकेजिंग पर अनधिकृत प्रचार सामग्री पाई। पैकेजिंग पर 'दर्द निवारक और ज्वरनाशक' शब्द लिखे हुए थे।

नियामक ने 11 लाख रुपए से अधिक मूल्य के रिएक्टिन प्लस स्टॉक को जब्त कर लिया और कंपनी को दवा एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 और नियम, 1945 के प्रावधानों के अनुसार पैकेजिंग उल्लंघनों का हवाला देते हुए दवा को बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया। हालांकि, कंपनी निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने में विफल रही।

एफडीए ने कहा कि इस तरह से डॉक्टर के पर्चे पर दी जाने वाली दवा का प्रचार लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है, जिससे स्व-दवा का खतरा बढ़ जाता है।

कंपनी के सीए एंड एफ संचालन की बाद में हुई जांच में दवाओं के भंडारण और वितरण में भी अनियमितताएं पाई गईं। इनमें भौतिक और कंप्यूटरीकृत स्टॉक रिकॉर्ड में विसंगतियां, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड में कमियां और रिकॉल निर्देशों का पालन न करना शामिल था।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि दवाइयां सीधे जमीन पर रखी हुई थीं और पैलेट व रैक की सुविधाएं अपर्याप्त थीं। साथ ही, एक्सपायर हो चुकी दवाओं के रिकॉर्ड और उनसे निपटने की प्रक्रियाओं में भी कमियां थीं।

एफडीए ने कथित उल्लंघनों के लिए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बयान में आगे कहा गया है कि एफडीए ने कंपनी के जवाब की जांच की और उसके बाद औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम और औषधि नियमों के संबंधित प्रावधानों के तहत लाइसेंस रद्द कर दिए।

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंधे ने कहा कि विभाग दवा सुरक्षा और जन स्वास्थ्य से संबंधित मामलों में, विशेष रूप से अनुसूची एच की निर्धारित दवाओं के विज्ञापन, बिक्री, भंडारण और वितरण में, कोई नरमी नहीं बरतेगा।

उन्होंने आगे कहा कि दवाओं के निर्माण और वितरण में शामिल किसी भी संस्था द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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