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महाराष्ट्र में डांस बार नियम होंगे और सख्त, मुंबई पुलिस अधिनियम में संशोधन लाएगी सरकार

फडणवीस ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ संचालक डांस बार से जुड़े कड़े प्रावधानों से बचने के लिए अन्य कानूनों के तहत लाइसेंस हासिल कर लेते हैं। इससे निगरानी और नियंत्रण की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

महाराष्ट्र में डांस बार नियम होंगे और सख्त, मुंबई पुलिस अधिनियम में संशोधन लाएगी सरकार
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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में डांस बारों के संचालन से जुड़ी कानूनी खामियों को दूर करने के लिए मुंबई पुलिस अधिनियम में संशोधन करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा मानसून सत्र के दौरान संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य उन कानूनी कमियों को समाप्त करना है, जिनका लाभ उठाकर कुछ डांस बार संचालक मौजूदा नियमों से बच निकलते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन के बाद डांस बारों के लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सख्त होगी, जिससे कानून के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके।

दूसरे कानूनों के तहत लाइसेंस लेने पर लगेगी रोक

फडणवीस ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ संचालक डांस बार से जुड़े कड़े प्रावधानों से बचने के लिए अन्य कानूनों के तहत लाइसेंस हासिल कर लेते हैं। इससे निगरानी और नियंत्रण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। सरकार अब यह व्यवस्था लागू करना चाहती है कि डांस बार संचालित करने के लिए केवल संशोधित मुंबई पुलिस अधिनियम के तहत ही लाइसेंस जारी किया जाए। इससे सभी प्रतिष्ठानों पर एक समान नियम लागू होंगे और कानूनी अस्पष्टता समाप्त होगी।

विधानसभा में उठा था डांस बारों का मुद्दा

यह विषय विधानसभा में कांग्रेस विधायक नाना पटोले द्वारा उठाया गया था। उन्होंने विशेष रूप से ठाणे जिले में डांस बारों की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़े मामलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा कानून में पहले से कई सख्त प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन कुछ कानूनी खामियों के कारण उनका पूरा प्रभाव नहीं पड़ पा रहा है। सरकार इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए संशोधन ला रही है।

बार-बार उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द करने पर विचार

मुख्यमंत्री ने बताया कि कानून एवं न्याय विभाग से परामर्श कर ऐसे डांस बारों के लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है, जो लगातार नियमों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रतिष्ठान बार-बार निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।

ध्वनि प्रदूषण पर भी सरकार सख्त

विधानसभा में डांस बारों में तेज आवाज में डीजे और ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अनुमति मौजूदा शोर प्रदूषण नियमों के अनुरूप ही दी जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ संबंधित एजेंसियां नियमित कार्रवाई करती हैं और भविष्य में भी नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कानूनी विशेषज्ञों की समिति बनाने का सुझाव

चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सुझाव दिया कि संशोधन कानून लागू करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाए। यह समिति प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा कर संभावित कानूनी खामियों की पहचान कर सकती है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की संभावना कम हो। सरकार ने इस सुझाव को गंभीरता से लेने के संकेत दिए हैं।

नाबालिगों से अपराध करवाने वालों पर लगेगा मकोका

विधानसभा में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण ऐलान किया। उन्होंने कहा कि नाबालिगों का इस्तेमाल कर अपराध करवाने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो लोग नाबालिगों को हथियार, धन या अन्य प्रकार की सहायता देकर अपराध के लिए प्रेरित करते हैं, उन्हें भी संगठित अपराध का हिस्सा माना जाएगा। यदि जांच में किसी गिरोह की संलिप्तता सामने आती है, तो अपराध स्थल पर मौजूद न होने के बावजूद संबंधित आरोपितों पर मकोका लगाया जा सकेगा।

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव लंबित

मुख्यमंत्री ने विधानसभा को यह भी जानकारी दी कि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन की पूर्व अनुमति से जुड़े 511 मामले विभिन्न विभागों में लंबित हैं। उन्होंने बताया कि इनमें 111 मामले 90 दिनों से कम समय से लंबित हैं, जबकि 400 मामले 90 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हैं। सबसे अधिक 111 मामले पुलिस एवं गृह विभाग में लंबित हैं। इसके अलावा ग्रामीण विकास विभाग में 71, राजस्व एवं वन विभाग में 66, नगर विकास विभाग में 44 और शिक्षा विभाग में 37 मामलों पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है।

कानूनों को अधिक प्रभावी बनाने पर सरकार का जोर

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल नए कानून बनाना नहीं, बल्कि मौजूदा कानूनों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। डांस बारों के नियमन से लेकर संगठित अपराध और प्रशासनिक जवाबदेही तक, सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी सुधारों पर काम कर रही है। आने वाले मानसून सत्र में प्रस्तावित संशोधन विधेयक पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद इन बदलावों की दिशा और स्वरूप स्पष्ट होगा।


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