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कपिल मिश्रा का ओवैसी पर तीखा पलटवार – पहले अपने घर की महिलाओं को आजादी दें

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा बीएमसी चुनाव को लेकर मुंबई में हैं। उन्होंने विले पार्ले विधानसभा में वार्ड 82 से भाजपा उम्मीदवार जगदीश्वरी अमिन के समर्थन में चुनाव प्रचार किया

कपिल मिश्रा का ओवैसी पर तीखा पलटवार – पहले अपने घर की महिलाओं को आजादी दें
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बीएमसी चुनाव प्रचार में कपिल मिश्रा को मिला जबरदस्त जनसमर्थन

  • हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी बयान पर भाजपा नेता का हमला
  • भगवंत मान और आतिशी पर निशाना – गुरुओं के अपमान को राजनीति से ऊपर रखें
  • जेल जाने से नहीं डरते, भगवान सब देख रहा है: कपिल मिश्रा

मुंबई। दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा बीएमसी चुनाव को लेकर मुंबई में हैं। उन्होंने विले पार्ले विधानसभा में वार्ड 82 से भाजपा उम्मीदवार जगदीश्वरी अमिन के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान लोगों की ओर भरपूर जनसमर्थन मिला।

रविवार को कपिल मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी मुझे दी है, इसी के तहत मैं यहां पर आया हूं। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव एक महत्वपूर्ण चुनाव है और मुंबई में अभी का माहौल भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन के पक्ष में है। बहुत से लोग भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन की नीतियों पर चर्चा करने और लोगों की सेवा करने आए हैं। मुझे भी इसमें एक भूमिका दी गई है।

कपिल मिश्रा ने ओवैसी के इस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि मैं ओवैसी से एक बात कहना चाहता हूं, पहले अपने घर की महिलाओं को आजादी से बाहर निकलने दीजिए। अगर आपके घर की महिलाओं को बाहर निकलने की इजाजत नहीं है, तो आप कैसे दावा कर सकते हैं कि कोई प्रधानमंत्री बनेगा? अगर आप उन्हें पढ़ने, काम करने या राजनीति में आने की इजाजत नहीं देंगे, तो वे सफल कैसे होंगी? अगर आप उन पर जुल्म करते रहेंगे, तो ईरान में महिलाओं ने जो किया है, वह आपके साथ भी यहां हो सकता है। प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति कौन बनेगा, यह बाद में तय होगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर यह समझना चाहिए कि गुरुओं का अपमान हुआ है। दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने जो भाषा इस्तेमाल की, वह गुरु तेग बहादुर की 300वीं शहादत की सालगिरह पर विधानसभा में चर्चा के दौरान बोली गई थी। विधानसभा स्पीकर ने भी इसे सदन में आधिकारिक तौर पर पढ़ा था। उसके बाद आतिशी विधानसभा में वापस नहीं आईं। लोगों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं।

जहां तक हमारी बात है, अगर केस होता है या हमें जेल भी भेजा जाता है, तो हम डरते नहीं हैं। मेरा पक्का मानना है कि भगवंत मान और स्पीकर को इस मामले को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। आतिशी को बचाने का पाप करेंगे तो भगवान भी देख रहा है और उन्हें भगवान से डरना चाहिए।


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