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हिंदू-मुस्लिम मुद्दे सिर्फ ध्रुवीकरण करने के लिए उठाए जा रहे, यह देश के लिए खतरनाक: अबू आजमी

महाराष्ट्र सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा न करने को लेकर दिए गए बयान, बांद्रा में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान और बकरीद से पहले होने वाली प्रशासनिक बैठकों को लेकर प्रतिक्रिया दी

हिंदू-मुस्लिम मुद्दे सिर्फ ध्रुवीकरण करने के लिए उठाए जा रहे, यह देश के लिए खतरनाक: अबू आजमी
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मुंबई। महाराष्ट्र सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा न करने को लेकर दिए गए बयान, बांद्रा में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान और बकरीद से पहले होने वाली प्रशासनिक बैठकों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

अबू आजमी ने योगी आदित्यनाथ के नमाज वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई बहस का मुद्दा ही नहीं है। उन्होंने कहा, "हिंदू-मुस्लिम मुद्दे सिर्फ ध्रुवीकरण करने के लिए उठाए जा रहे हैं, और यह देश के लिए खतरनाक है। आज देश में हालात बहुत खराब हैं। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लोगों के पास रोजगार नहीं है, और लोगों से कहा जा रहा है कि डीजल-पेट्रोल बचाइए। ऐसे समय में सड़कों पर नमाज को लेकर बयान दिए जा रहे हैं, जबकि दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है।"

वहीं, बांद्रा में चलाए गए अतिक्रमण-विरोधी अभियान पर भी अबू आजमी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर लोग इस देश के नागरिक हैं, तो उनके पास रहने के लिए घर भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "अगर लोगों के पास रहने के लिए सही जगह होती तो कोई फुटपाथ पर नहीं रहता और न ही अवैध घर बनाता। अच्छी सरकार वही होती है जो हर नागरिक को रहने के लिए जगह दे। अगर गरीबों के छोटे-छोटे घर अवैध बताकर तोड़ दिए जाएंगे तो वे आखिर कहां जाएंगे? वे भी इसी देश के नागरिक हैं। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए।"

उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश से शुरू हुई यह कार्रवाई अब 'फैशन' बन गई है और इसे पूरी तरह बंद होना चाहिए।

बकरीद से पहले होने वाली बैठकों को लेकर भी अबू आजमी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हर साल मुख्यमंत्री, कमिश्नर और सभी विभागों के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक होती थी, लेकिन इस बार बैठक बहुत छोटी रखी गई।

उन्होंने कहा कि हर साल वाहनों और ज्यादा संख्या में जानवरों के परिवहन को लेकर पुलिस जांच की बात होती है, लेकिन कुछ लोग गौ-रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करते हैं।


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