महाराष्ट्र में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पिछले आठ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई चार बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

मुंबई। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को पिछले आठ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई चार बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
सपकाल ने पत्रकारों से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करके आम आदमी को पंगु बना दिया है। प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने बढ़ती कीमतों के जरिए महंगाई से जूझ रहे नागरिकों को और भी मुश्किल में डाल दिया है।
सपकाल ने आरोप लगाया कि पेट्रोल नहीं मिल रहा, डीजल नहीं, एलपीजी सिलेंडर गायब हैं, पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं, किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है और जनता परेशान है, फिर भी भाजपा सरकार उदासीन बनी हुई है।
उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुलेआम झूठ बोल रहे हैं। अगर उन्हें लगता है कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, तो लोग दोपहर की चिलचिलाती गर्मी में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में क्यों खड़े हैं? अगर सरकार को लगता है कि जमाखोरी हो रही है, तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने चेतावनी दी कि अगर किसानों के साथ अन्याय जारी रहा तो महाराष्ट्र भर में एक बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन भड़क उठेगा।
मीडिया से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि विपक्ष द्वारा आयोजित हालिया विरोध प्रदर्शनों ने सत्ताधारी सरकार को स्पष्ट रूप से हिला दिया है।
शिंदे ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री हमारे आंदोलनों को ‘राजनीतिक स्टंट’ कहकर खारिज करते हैं, तो विपक्ष को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करने के लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य भर में सरकार विरोधी भावनाएं प्रबल हो रही हैं।
शिंदे ने इस बात पर जोर दिया कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने प्याज के उचित मूल्य और मौजूदा निर्यात नीति में संशोधन की मांग को लेकर राज्य भर में आक्रामक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
चांदवड (नासिक जिला), संभाजीनगर, जुन्नार और ओतुर जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में रास्ता जाम और पदयात्रा सहित बड़े प्रदर्शन हुए।
इन प्रदर्शनों के दौरान कई किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।


