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नेहरू और पीएम मोदी की तुलना अनुचित, दोनों में जमीन-आसमान का अंतर: कांग्रेस

कांग्रेस नेता नसीम खान ने जवाहरलाल नेहरू की तुलना पीएम मोदी से किए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। मैं उनके बारे में कोई जुमला इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन नेहरू ने आजादी के बाद इस देश को खड़ा किया

नेहरू और पीएम मोदी की तुलना अनुचित, दोनों में जमीन-आसमान का अंतर: कांग्रेस
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मुंबई। कांग्रेस नेता नसीम खान ने जवाहरलाल नेहरू की तुलना पीएम मोदी से किए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। मैं उनके बारे में कोई जुमला इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन नेहरू ने आजादी के बाद इस देश को खड़ा किया। दुनिया के नक्शे पर भारत की पहचान बनाने का काम यदि किसी ने किया है तो वह पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं। उन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। ऐसे पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में जिस तरह से भाजपा बात कर रही है, वह बहुत ही अनुचित है।

उन्होंने कहा, "भाजपा के पास न कोई नीति है, न देश चलाने की क्षमता रखने वाला कोई नेता है और न ही कोई ठोस सोच है। इसी कारण उनकी नीतियों से देश बर्बादी की राह पर जा रहा है। हम लोग शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं।"

उनका कहना है कि भाजपा और मोदी सरकार अधिकारियों पर दबाव डालकर उनसे अपने कार्यकर्ताओं की तरह काम करवा रही है। चुनाव आयोग के निर्णयों में भी यह स्पष्ट दिखाई देता है। जहां शिकायतें सही थीं, वहां निर्णय गलत लिए गए और जहां गलतियां थीं, वहां उन्हें पास किया गया। इससे लगता है कि अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए हिंदू-मुस्लिम और भारत-पाकिस्तान जैसे मुद्दे उठाती है। जब उनके खिलाफ जनता में रोष बढ़ता है तो वे गलत बयानबाजी करते हैं।

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर नसीम खान ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें कई त्रुटियां और कमियां सामने आई हैं, जिन्हें लेकर हम चुनाव आयोग से मिले हैं और सुधार की मांग की है। मुंबई जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर पुनर्विकास हो रहा है। कई लोगों को ट्रांजिशन स्कीम में शामिल किया गया है, लेकिन नियमों के अनुसार जहां व्यक्ति रहता है, उसका नाम वहीं रहना चाहिए। धारावी जैसे प्रोजेक्ट में लाखों लोगों का पुनर्वास होना है। ऐसे में जिनका अस्थायी स्थानांतरण हुआ है, उनका नाम सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। साथ ही इस प्रक्रिया की समय सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए।

वहीं, सांसद वर्षा गायकवाड ने भी जवाहरलाल नेहरू की तुलना पीएम मोदी से किए पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति और श्वेत क्रांति लाने का विजन नेहरू का था, लेकिन आज हर चीज में नेहरू को ही आलोचना का विषय बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि नेहरू एक विजनरी नेता थे, जिन्होंने भारत को आधुनिक बनाने का काम किया। उन्होंने देश को औद्योगिक और आधुनिक दिशा दी।

इस दौरान मुंबई में निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात पर वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि एसआईआर एक बड़ा विषय है। इस प्रक्रिया में किसी भी नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैपिंग की प्रक्रिया कई जगह अधूरी है, कुछ क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तो कुछ में 60 प्रतिशत काम हुआ है। ऐसे में समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। बारिश के मौसम और बड़े पैमाने पर लोगों के बाहर जाने की स्थिति को देखते हुए यह प्रक्रिया और लचीली होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों का पुनर्वास किया जा रहा है, उनका नाम सूची में सही तरीके से दर्ज होना चाहिए, ताकि किसी का अधिकार प्रभावित न हो।


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