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रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षित पेयजल के लिए सेंट्रल रेलवे ने बढ़ाए कदम, 20 हजार स्थानों पर लगेंगे नए फिल्ट्रेशन सिस्टम

यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल रेलवे ने अपने स्टेशनों, कोचिंग डिपो और अन्य यात्री सुविधा केंद्रों पर पानी की आपूर्ति, फिल्ट्रेशन, जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षित पेयजल के लिए सेंट्रल रेलवे ने बढ़ाए कदम, 20 हजार स्थानों पर लगेंगे नए फिल्ट्रेशन सिस्टम
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मुंबई। यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल रेलवे ने अपने स्टेशनों, कोचिंग डिपो और अन्य यात्री सुविधा केंद्रों पर पानी की आपूर्ति, फिल्ट्रेशन, जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।

पेयजल की गुणवत्ता को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की व्यापक समीक्षा की। इसके बाद भारतीय रेलवे में यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए।

रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में सेंट्रल रेलवे ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू की है।

रेलवे नेटवर्क में करीब 20 हजार स्थानों पर नई फिल्ट्रेशन प्रणाली, वाटर कूलर और जल गुणवत्ता निगरानी की व्यवस्था स्थापित करने की योजना है। सेंट्रल रेलवे अपने स्टेशनों, कोचिंग डिपो और यात्रियों से सीधे जुड़े अन्य स्थानों पर इस व्यवस्था को तेजी से लागू करेगा।

इसके अलावा, पुराने और खराब हो चुके पानी के स्टोरेज टैंकों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। पानी के स्रोत और आउटलेट दोनों स्थानों पर गुणवत्ता की नियमित जांच, केंद्रीकृत निगरानी तथा स्टोरेज टैंकों की निर्धारित समय पर सफाई और रखरखाव पर भी जोर दिया गया है।

वर्ष 2023-24 के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला से लिए गए पेयजल नमूनों से संबंधित सीएजी की टिप्पणियों के बाद सेंट्रल रेलवे ने इन चारों स्टेशनों पर सुधारात्मक और निवारक कदम उठाए हैं।

विशेष अभियान के तहत चारों स्टेशनों के पानी के नमूनों की भौतिक, रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल जांच कराई गई। सेंट्रल रेलवे के अनुसार जांच में सभी नमूने संतोषजनक पाए गए और किसी भी नमूने में ई. कोलाई या बैक्टीरियोलॉजिकल संदूषण नहीं मिला।

नवीनतम विशेष अभियान की जांच के आधार पर रेलवे ने कहा कि वर्तमान में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा पेयजल सुरक्षित और पीने योग्य पाया गया है।

विशेष अभियान के दौरान चारों स्टेशनों पर पानी की पाइपलाइन व्यवस्था की पूरी जांच की गई, ताकि किसी प्रकार के लीकेज का पता लगाया जा सके। पानी की टंकियों के वेंट और ओवरफ्लो व्यवस्था पर जालीयुक्त मजबूत ढक्कन लगाने के भी उपाय किए गए हैं।

वाटर कूलरों का निरीक्षण और सफाई करने के साथ उनमें जमा गाद को हटाया गया। लीकेज वाले नलों को बदला गया तथा जिन स्थानों पर नल नहीं थे, वहां नए नल लगाए गए हैं।

नियमित जांच को और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स कार्यालयों में ई. कोलाई टेस्टिंग किट भी उपलब्ध कराई गई हैं।

पेयजल की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाए जा रहे इन कदमों की निगरानी रेलवे बोर्ड के स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। साथ ही प्रगति और पानी की गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्ट समय-समय पर प्रकाशित करने की बात कही गई है, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

रेलवे के अनुसार यह पहल सीएजी की टिप्पणियों पर कार्रवाई के साथ-साथ भारतीय रेलवे में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को मजबूत करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।


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