बप्पा मोरया! पुणे में 33 घंटे 27 मिनट चली गणेश विसर्जन शोभायात्रा, सवा छह लाख से ज्यादा गणपतियों को विदाई
ढोल-ताशों की गूंज, गुलाल की बरसात और गणपती बाप्पा के जयकारों के बीच पुणे ने बप्पा को भावभीनी विदाई दी। इस बार शहर की गणेश विसर्जन शोभायात्रा करीब डेढ़ दिन तक चली। 25 सितंबर की सुबह शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला 26 सितंबर की शाम तक जारी रहा और कुल 33 घंटे 27 मिनट बाद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

पुणे। ढोल-ताशों की गूंज, गुलाल की बरसात और गणपती बाप्पा के जयकारों के बीच पुणे ने बप्पा को भावभीनी विदाई दी। इस बार शहर की गणेश विसर्जन शोभायात्रा करीब डेढ़ दिन तक चली। 25 सितंबर की सुबह शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला 26 सितंबर की शाम तक जारी रहा और कुल 33 घंटे 27 मिनट बाद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
पुणे की मुख्य विसर्जन शोभायात्रा 25 सितंबर की सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर मान के पहले गणपति श्री कसबा गणपति की भव्य सवारी के साथ शुरू हुई। इसके बाद एक-एक कर विभिन्न गणेश मंडलों की शोभायात्राएं विसर्जन मार्ग पर आगे बढ़ती रहीं। आखिरकार 26 सितंबर की शाम 6 बजकर 10 मिनट पर मुख्य विसर्जन शोभायात्रा संपन्न हुई।
पुणे की गणेशोत्सव परंपरा में विशेष स्थान रखने वाले मान के पांचों गणपतियों की शोभायात्रा ऐतिहासिक लक्ष्मी रोड से निकली। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों के दोनों ओर जुटे रहे।
कसबा गणपति की शोभायात्रा करीब 8 घंटे चली और नटेश्वर घाट पर विसर्जन किया गया। तांबडी जोगेश्वरी गणपति की शोभायात्रा 7 घंटे 44 मिनट, गुरुजी तालीम गणपति की 7 घंटे 26 मिनट और तुलशीबाग गणपति की शोभायात्रा 8 घंटे 10 मिनट तक चली।
पांच गणपतियों में सबसे अधिक समय केसरी वाडा गणपति की शोभायात्रा में लगा। इसकी विसर्जन यात्रा करीब 8 घंटे 46 मिनट तक चली।
'मनाचे गणपति' के बाद पुणे के प्रमुख गणेश मंडलों की विसर्जन शोभायात्राओं का सिलसिला जारी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रातभर सड़कों पर मौजूद रहे और बप्पा को विदाई दी।
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की विसर्जन शोभायात्रा शाम 4 बजकर 18 मिनट पर शुरू हुई और करीब 4 घंटे 9 मिनट में पूरी हो गई।
वहीं, श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति की विसर्जन शोभायात्रा करीब 11 घंटे 8 मिनट तक चली। इसका विसर्जन 26 सितंबर की सुबह संपन्न हुआ।
इसके अलावा अखिल मंडई मंडल की शोभायात्रा 9 घंटे 29 मिनट, हुतात्मा बाबू गेणू मंडळ की 7 घंटे 22 मिनट और जिलब्या मारुती मंडळ की शोभायात्रा 7 घंटे 10 मिनट तक चली। विभिन्न मंडलों ने नटेश्वर और पांचाळेश्वर घाट पर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कर बप्पा को विदाई दी।
पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, डेढ़ दिन से लेकर अनंत चतुर्दशी और अंतिम दिन तक 4170 सार्वजनिक और 624685 घरेलू गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
सबसे ज्यादा विसर्जन अंतिम यानी 11वें दिन हुआ। इस दिन 2,41,548 घरेलू और 2927 सार्वजनिक गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसके अलावा 35 सार्वजनिक गणपतियों का विसर्जन मौके पर ही संपन्न कराया गया।
विशाल विसर्जन समारोह के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इसके बावजूद विसर्जन शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ पुलिस ने एक मामले में कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, शिवाजीनगर पुलिस थाने में 26 सितंबर की सुबह 7 बजे भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ शस्त्र अधिनियम और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान कुल 11 आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से करीब 30 लाख 57 हजार 50 रुपए का अपराध के सिलसिले में बरामद किया गया सामान जब्त किया गया।
पुलिस उपायुक्त, विशेष शाखा, पुणे शहर डॉ. प्रशांत अमृतकर की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गणेशोत्सव और विसर्जन का आयोजन बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


