फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर 40 लाख की कथित धोखाधड़ी: पलाश मुच्छाल पर गंभीर आरोप, सांगली पुलिस कर रही प्राथमिक जांच
संगीतकार और फिल्म निर्माता पलाश मुच्छाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका निजी जीवन नहीं बल्कि उन पर लगे 40 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले अभिनेता और निर्माता वैभव माने ने पलाश मुच्छाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

सांगली। संगीतकार और फिल्म निर्माता पलाश मुच्छाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका निजी जीवन नहीं बल्कि उन पर लगे 40 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले अभिनेता और निर्माता वैभव माने ने पलाश मुच्छाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। माने का आरोप है कि फिल्म प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर उनसे बड़ी रकम ली गई, लेकिन न तो फिल्म पूरी हुई और न ही पैसे वापस किए गए। फिलहाल सांगली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की है, लेकिन शिकायत के आधार पर प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
एसपी से की गई शिकायत, FIR की मांग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वैभव माने ने मंगलवार को सांगली के पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित आवेदन सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने पलाश मुच्छाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया है कि फिल्म प्रोडक्शन के नाम पर उनसे बार-बार पैसे लिए गए, लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद न तो प्रोजेक्ट पूरा हुआ और न ही निवेश की राशि लौटाई गई।
5 दिसंबर 2023 को हुई थी पहली मुलाकात
शिकायत के अनुसार, 5 दिसंबर 2023 को सांगली में पलाश मुच्छाल और वैभव माने की पहली मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के दौरान वैभव माने ने फिल्मों में निवेश करने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि इसी बातचीत में पलाश मुच्छाल ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘नजरिया’ का जिक्र किया और उसमें प्रोड्यूसर के तौर पर निवेश करने का ऑफर दिया। माने का कहना है कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि फिल्म का भविष्य उज्ज्वल है और OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज के बाद अच्छा मुनाफा होगा।
25 लाख पर 12 लाख के प्रॉफिट का वादा
वैभव माने ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि पलाश मुच्छाल ने उन्हें आर्थिक लाभ का ठोस वादा किया था। माने के मुताबिक, कहा गया था कि यदि वह फिल्म में 25 लाख रुपए का निवेश करते हैं, तो OTT रिलीज के बाद उन्हें 12 लाख रुपए का प्रॉफिट मिलेगा। इसके साथ ही फिल्म में एक भूमिका (एक्टिंग रोल) देने का भी प्रस्ताव दिया गया था। इन वादों के बाद दोनों के बीच दो और बैठकें हुईं, जिनमें निवेश और फिल्म की प्रगति को लेकर चर्चा की गई।
मार्च 2025 तक दिए 40 लाख रुपए
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मार्च 2025 तक वैभव माने ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपए पलाश मुच्छाल को दिए। माने का आरोप है कि यह रकम पूरी तरह फिल्म ‘नजरिया’ के प्रोडक्शन के लिए दी गई थी। हालांकि, समय बीतने के बावजूद फिल्म का काम पूरा नहीं हुआ और प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। जब माने ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें कथित तौर पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पैसे मांगने पर संपर्क बंद होने का आरोप
वैभव माने का कहना है कि शुरुआत में पलाश मुच्छाल टालमटोल करते रहे, लेकिन बाद में फोन कॉल्स और मैसेज का जवाब देना भी बंद कर दिया। इसके बाद मजबूर होकर उन्होंने पुलिस का रुख किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन, बातचीत के सबूत और अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही FIR दर्ज करने पर फैसला लिया जाएगा।
पहले भी निजी कारणों से रहे हैं चर्चा में
यह पहला मौका नहीं है जब पलाश मुच्छाल सुर्खियों में आए हों। इससे पहले वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना के साथ शादी टूटने को लेकर चर्चा में रहे थे। दोनों की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी, लेकिन शादी के दिन स्मृति मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस वजह से शादी को टाल दिया गया था।
शादी टली, फिर पूरी तरह रद्द
इसके बाद पलाश मुच्छाल की तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें भी अस्पताल जाना पड़ा, जिसके कारण शादी को दोबारा पोस्टपोन किया गया। हालांकि, दिसंबर 2025 में स्मृति मंधाना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए यह साफ कर दिया कि शादी अब कैंसिल कर दी गई है।
अब जांच के नतीजों पर टिकी नजरें
फिलहाल पलाश मुच्छाल पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सांगली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्राथमिक जांच के बाद पुलिस इस मामले में FIR दर्ज करती है या नहीं, और क्या आरोप कानूनी रूप से साबित हो पाते हैं या नहीं।


