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मुंबई: फुटबॉल मैदान को प्रदर्शनी केंद्र बनाने के विरोध में उतरे आदित्य ठाकरे, निजीकरण और जमीन कब्जाने का लगाया आरोप

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को प्रदर्शनी केंद्र में बदलने की प्रस्तावित योजना का विरोध करते हुए भाजपा पर खिलाड़ियों और युवाओं से खेल के मैदान छीनने का आरोप लगाया

मुंबई: फुटबॉल मैदान को प्रदर्शनी केंद्र बनाने के विरोध में उतरे आदित्य ठाकरे, निजीकरण और जमीन कब्जाने का लगाया आरोप
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मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन के नेविल डिसूजा फुटबॉल टर्फ को प्रदर्शनी केंद्र में बदलने की प्रस्तावित योजना का विरोध करते हुए भाजपा पर खिलाड़ियों और युवाओं से खेल के मैदान छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से इस मैदान पर बच्चे और पेशेवर खिलाड़ी फुटबॉल खेलते आ रहे हैं, लेकिन अब भाजपा इसे प्रदर्शनी केंद्र में बदलना चाहती है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह जमीन मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन को खेल गतिविधियों के लिए दी गई थी और इसका उपयोग केवल फुटबॉल के लिए होता है। भाजपा इस स्थान पर प्रदर्शनी केंद्र बनाकर उसे किसी ट्रस्ट को सौंपना चाहती है और इसके पीछे जमीन पर कब्जा करने की मंशा दिखाई दे रही है। इसके विरोध में 'रेड कार्ड आंदोलन' शुरू किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बांद्रा में एक विशेष ट्रस्ट और फाउंडेशन राजनीतिक संरक्षण में खुले भूखंडों और सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि सार्वजनिक और जिला योजना निधियों का उपयोग ऐसे संस्थानों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, जो हितों के टकराव का मामला है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि समस्या खेल सुविधाओं के निर्माण की नहीं है, बल्कि उनके निजीकरण और नियंत्रण की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के लोगों की सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने लियोनेल मेसी की मुंबई यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर को फुटबॉल से जुड़े संगठनों के बजाय क्रिकेट स्टेडियम ले जाया गया। यह केवल राजनीतिक प्रचार और फोटो अवसर तक सीमित रहा, जबकि फुटबॉल के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए।

आदित्य ठाकरे ने "प्रोजेक्ट महादेव" का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी घोषणा तो की गई थी, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने दावा किया कि जिन बच्चों का चयन किया गया था, उन्हें वापस अपने स्कूलों में भेज दिया गया और उन्हें परियोजना से जोड़ने का काम आगे नहीं बढ़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में फुटबॉल मैदानों को धीरे-धीरे कंक्रीट की इमारतों में बदला जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए खेल सुविधाएं कम होती जा रही हैं। भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अपने करीबी लोगों को मैदान और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जबकि आम खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।

'स्क्रीन' संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा अब स्क्रीन और जनमत दोनों से डरती है। उन्होंने कहा कि मुंबई के नागरिक रोजाना खराब सड़कों और अन्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों को हल करने के बजाय खेल के मैदानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना भी देशहित का हिस्सा है। इसी सोच के साथ रेड कार्ड आंदोलन चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि फुटबॉल में गलती या फाउल होने पर रेड कार्ड दिखाया जाता है और इसी प्रतीक के माध्यम से सरकार को संदेश दिया जा रहा है कि वह खेल मैदानों से दूर रहे और खिलाड़ियों के अधिकारों का सम्मान करे।


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