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महाराष्ट्र : मैकडॉनल्ड्स के फेक "चीज" के इस्तेमाल पर कार्रवाई

महाराष्ट्र में मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट में नकली "चीज" के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों ने बीते दिनों कार्रवाई की

महाराष्ट्र : मैकडॉनल्ड्स के फेक चीज के इस्तेमाल पर कार्रवाई
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महाराष्ट्र में मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट में नकली "चीज" के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों ने बीते दिनों कार्रवाई की. मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट में असली चीज की जगह नकली चीज का इस्तेमाल होने के आरोप हैं.

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने पिछले साल मैकडॉनल्ड्स के अहमदनगर स्थित एक आउटलेट पर कार्रवाई करते हुए आरोप लगाया कि उसने अपने कुछ प्रोडक्ट्स में असली चीज के बजाय वनस्पति तेल की मिलावट से बने चीज का इस्तेमाल किया.

एफडीए के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वह यह जांचने के लिए ग्लोबल फूड ब्रांडों के आउटलेट्स का निरीक्षण करेगा कि क्या वे उत्पादों में चीज के विकल्प का इस्तेमाल करते हैं, जिसे गलत तरीके से असली चीज के रूप में प्रचारित किया जाता है और मैकडॉनल्ड्स पर कार्रवाई से परे जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा.

जांच के दायरे में ग्लोबल फूड ब्रांड्स

इस तरह की जांच का असर उन कंपनियों पर पड़ सकता है जिन्होंने ने हाल ही में बर्गर और पिज्जा पर डिस्काउंट देने शुरू किया, क्योंकि महंगाई के कारण बहुत से भारतीयों के लिए ये प्रोडक्ट्स महंगे साबित हो रहे थे.

भारत में मैकडॉनल्ड्स की सबसे बड़ी फ्रैंचाइजी वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड के पास है. उसने अपने प्रोडक्ट्स में सिर्फ "शुद्ध चीज" के इस्तेमाल करने का दावा किया है. राज्य के अधिकारियों ने पिछले साल पाया था कि कुछ उत्पादों में असली चीज के बजाय वनस्पति तेल के तथाकथित चीज एनालॉग्स का इस्तेमाल किया गया था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मैकडॉनल्ड्स फ्रेंचाइजी जांच एजेंसी की कार्रवाई से भले ही सहमत नहीं दिख रही हो, लेकिन दिसंबर में उसने राज्य में बेचे जाने वाले कई बर्गर और नगेट्स के नाम से "चीज" शब्द हटा दिया.

चीज शब्द हटाया

उदाहरण के लिए उसने "कॉर्न और चीज बर्गर" का नाम बदलकर "अमेरिकन वेजिटेरियन बर्गर" कर दिया.

एफडीए के प्रमुख अभिमन्यु काले ने बताया कि महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के निरीक्षक अब डिस्प्ले और लेबलिंग नियमों के समान उल्लंघन की जांच करने के लिए सभी मैकडॉनल्ड्स आउटलेट्स के साथ ही अन्य प्रमुख ब्रांड्स के आउटलेट्स का दौरा करेंगे.

उन्होंने कहा कि एफडीए मैकडॉनल्ड्स के सभी आउटलेट्स की जांच करने की योजना बना रही है. उनके मुताबिक अन्य मशहूर और अक्सर लोगों द्वारा पसंद की जाने वाली ग्लोबल फास्ट-फूड चेन के स्टोर्स पर भी जाकर जांच की जाएगी. हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि उनकी इस जांच की लिस्ट में और कौन-कौन से आउटलेट्स शामिल हैं.

मशहूर ब्रांडों की जांच की तैयारी

राज्य सरकार के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "फूड इंस्पेक्टर डोमिनोज, पिज्जा हट, बर्गर किंग और केएफसी जैसे ब्रांडों के भारतीय फ्रेंचाइजी आउटलेट्स का दौरा करेंगे."

भारतीय अधकिारियों के पास ग्राहकों को गुमराह करने वाले तरीके से भोजन और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्तरां के लाइसेंस को निलंबित करने का अधिकार होता है.

पश्चिम और दक्षिण भारत में मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट्स चलानी वाली वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ कालरा ने कहा कि वे किसी भी निरीक्षण का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा कि आउटलेट्स "उच्चतम मानकों" का पालन करते हैं.

डोमिनोज की फ्रेंचाइजी जुबिलेंट फूडवर्क्स, बर्गर किंग संचालक रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया और भारत में यम ब्रांड्स के पिज्जा हट और केएफसी का ऑपरेशन चलाने वाली वाली देवयानी इंटरनेशनल ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया.

मुंबई में ही मैकडॉनल्ड्स के 100 से अधिक आउटलेट्स हैं और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी इसके काफी आउटलेट्स हैं. यह ग्लोबल फास्ट फूड ब्रांडों के लिए एक प्रमुख बाजार है.

मैकडॉनल्ड्स के मामले में राज्य के खाद्य निरीक्षकों ने नवंबर में अहमदनगर में एक आउटलेट का लाइसेंस कथित तौर पर चीज युक्त प्रचारित उत्पादों में एनालॉग्स का इस्तेमाल करने के लिए निलंबित कर दिया था. बाद में वेस्टलाइफ फ्रेंचाइजी की अपील पर इस निलंबन को वापस ले लिया गया.

कंपनी ने ग्राहकों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक्स पर पोस्ट भी लिखा था, जिसमें उसने कहा था कि कंपनी "विश्व स्तर पर स्वीकृत सप्लायरों" का इस्तेमाल करती है.

उसने 26 फरवरी को एक बयान में कहा, "हमारा चीज केवल असली दूध से बनाया जाता है और हम किसी भी विकल्प या चीज एनालॉग का इस्तेमाल नहीं करते हैं."


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