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मंदसौर में 25 करोड़ की लागत से बने पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित भगवान श्रीपशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में पशुपतिनाथ लोक के पहले चरण का मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकार्पण किया

मंदसौर में 25 करोड़ की लागत से बने पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण
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मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित भगवान श्रीपशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में पशुपतिनाथ लोक के पहले चरण का मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकार्पण किया। इसकी लागत 25 करोड़ है।

पशुपतिनाथ लोक के प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से हुए निर्माण के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में मंदिर की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करने वाली चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री यादव ने मंदिर परिसर में पालकी में रजत प्रतिमा के रूप में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की। उन्‍होंने ई-कार्ट में बैठकर पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया और इसकी भव्यता को सराहा।

सीएम ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण किया। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है। एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में सीएम ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी।

पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया गया है। शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह लोक पहले से कहीं अधिक आकर्षक एवं मनमोहक हो गया है।

चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की गई है। पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है, जहां सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर उन्हें असुविधा न हो, इसके लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है।

आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है। मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल एवं पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं।

पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, जिससे पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है।


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