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नारी शक्ति वंदन अधिनियम से शासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी: सीएम मोहन यादव

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', जिसे 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से शासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी: सीएम मोहन यादव
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इंदौर। राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', जिसे 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है, शासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी के लिए नए रास्ते खोलेगा।

इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय इस सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। यह सुनिश्चित करेगा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की आवाज और अधिक सशक्त हो।"

कानून के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक समावेशी और संतुलित बनेगी।

उन्होंने आगे कहा कि यह कदम न केवल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि लोकतंत्र की नींव को भी मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में लिए गए लगातार नीतिगत निर्णय महिलाओं के कल्याण और गरिमा के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों ने उनके बढ़ते आत्मविश्वास और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी में योगदान दिया है।

इस कदम को भारत के व्यापक विकास दृष्टिकोण से जोड़ते हुए यादव ने कहा कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करने में महिलाओं का बढ़ा हुआ प्रतिनिधित्व अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। बीआर अंबेडकर के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह अधिनियम समानता तथा समान अवसर के उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें स्वयं-सहायता समूहों की सदस्य, उद्यमी और सांस्कृतिक व सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे।

महिलाओं के समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनियां भी आयोजित की गईं, जो आर्थिक गतिविधियों में उनके बढ़ते योगदान को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि यह अधिनियम एक निर्णायक मोड़ साबित होगा, क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि महिलाएं केवल नीतियों की लाभार्थी ही न हों, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय योगदानकर्ता भी बनें।


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