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33 प्रतिशत आरक्षण लेकर रहेगी ‘आधी आबादी’: रागिनी नायक

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता रागिनी नायक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को महिला विरोधी करार दिया और कहा कि आधी आबादी अपना आरक्षण का हक लेकर रहेगी

33 प्रतिशत आरक्षण लेकर रहेगी ‘आधी आबादी’: रागिनी नायक
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भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता रागिनी नायक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को महिला विरोधी करार दिया और कहा कि आधी आबादी अपना आरक्षण का हक लेकर रहेगी।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रवास पर आई कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती लेकिन ‘आधी आबादी’ आरक्षण का अपना पूरा हक लेकर रहेगी। प्रधानमंत्री इस राह में चाहे कितने भी रोड़े क्यों न अटका दें, किन्तु-परन्तु अगर-मगर की कितनी भी शर्तें क्यों न लगा दें, जिद है ये कांग्रेस पार्टी की, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की, राहुल गांधी की, जिद है प्रियंका गांधी की, कि हम महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलवा कर रहेंगे।

उन्‍होंने कहा कि यही नहीं दलित समाज से, आदिवासी समाज से, पिछड़े वर्ग से आई अपनी बहनों को भी आरक्षण के अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। लोकसभा में विधायक के पारित न होने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 17 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक है। इस दिन देश को विभाजित करने के मोदी सरकार के खतरनाक मनसूबों पर विपक्ष की एकता ने पानी फेर दिया। ये संविधान और लोकतंत्र की जीत का दिन है, भारत की एकता और अखंडता की जीत का दिन है।

रागिनी नायक ने कहा कि सच्चाई यह है कि संसद में महिला आरक्षण का बिल नहीं गिरा है, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो गया था, वो आज भी कानून है, बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे लागू नहीं होने दे रहे हैं। महिला आरक्षण के प्रति मोदी सरकार की गंभीरता इसी बात से समझ में आ जाती है कि तीन साल पहले पारित बिल की अधिसूचना मोदी सरकार 16 अप्रैल 2026 को रात लगभग 10 बजे पर जारी करती है यानि महिला आरक्षण को ताक पर रख कर मोदी सरकार सोती रहती है और अचानक तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनाव के बीच नींद से जाग कर विशेष सत्र बुलाती है।

उन्‍होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण का बिल नहीं गिरा है, देश को खंडित करने के लिए जो संविधान संशोधन का विधेयक लाया गया, वो गिरा है। महिला आरक्षण तो बहस का मुद्दा ही नहीं है, हम तो मांग कर रहे हैं कि 543 सीटों पर महिला आरक्षण आज ही हो जाए और हमारे पिछड़े वर्ग की बहनों को भी उसमें एक तिहाई जगह मिले।


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