Top
Begin typing your search above and press return to search.

भोपाल में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों पर एनएचआरसी की गंभीर चिंता

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भोपाल में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है

भोपाल में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों पर एनएचआरसी की गंभीर चिंता
X

प्रियंक कानूनगो बोले – स्थानीय मजदूरों के मानवाधिकारों का हो रहा उल्लंघन

  • पशु वध और हलाल प्रोसेसिंग में लगाए गए संदिग्ध अप्रवासी
  • पुलिस के जवाब पर सवाल, एनएचआरसी ने दोबारा जारी किया नोटिस
  • कानूनगो ने कहा – अवैध नागरिकों पर सख्त कार्रवाई जरूरी

भोपाल। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भोपाल में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आए अवैध अप्रवासियों को भोपाल लाया गया है और उन्हें पशु वध तथा हलाल प्रोसेसिंग के कार्यों में लगाया जा रहा है।

इससे स्थानीय अनुसूचित जाति के मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जो लंबे समय से अपनी आजीविका के लिए इसी काम पर निर्भर हैं।

प्रियंक कानूनगो ने कहा कि इस स्थिति के कारण स्थानीय मजदूरों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इस मामले में भोपाल पुलिस को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पुलिस की ओर से जो जवाब मिला, वह संतोषजनक नहीं था। पुलिस ने अपने जवाब में कहा कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तभी शुरू की जाएगी, जब नगर निगम की ओर से आवेदन किया जाएगा।

एनएचआरसी सदस्य ने इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि भोपाल जैसे बड़े शहर में यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति रह रहा है और आयोग इस बारे में जानकारी दे रहा है, तो केवल एक औपचारिक बयान देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस को पूरी जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए और मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

प्रियंक कानूनगो ने कहा कि यदि कोई संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भोपाल में प्रवेश कर रहा है या रह रहा है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में भोपाल पुलिस को दोबारा नोटिस जारी किया गया है और अब आयोग उनके विस्तृत और ठोस जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है।

एनएचआरसी का कहना है कि इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता बेहद जरूरी है ताकि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा की जा सके।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it