उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी को दिल दे बैठी जेलर, 14 साल जेल में रहा… रिहाई के बाद दोनों ने कर ली शादी
केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने एक ऐसे युवक से विवाह किया है, जो कभी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका था। दोनों ने समाज और पारिवारिक विरोध की परवाह किए बिना साथ जीवन बिताने का फैसला किया और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किया।

भोपाल। Satna Central Jail Love Story: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने एक ऐसे युवक से विवाह किया है, जो कभी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका था। दोनों ने समाज और पारिवारिक विरोध की परवाह किए बिना साथ जीवन बिताने का फैसला किया और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किया। यह विवाह अब पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे प्रेम, भरोसे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।
ड्यूटी के दौरान हुई पहचान
रीवा निवासी फिरोजा खातून वर्तमान में केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। जेल प्रशासन में उनकी जिम्मेदारी वारंट संबंधी कार्यों की निगरानी से जुड़ी थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात छतरपुर जिले के चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह से हुई। धर्मेंद्र सिंह जेल में वारंट से जुड़े कामों में सहयोग करता था। लगातार काम के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह परिचय दोस्ती में बदल गया। समय के साथ दोनों एक-दूसरे को समझने लगे और यह रिश्ता प्रेम तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दोनों पिछले कई वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने विवाह करने का निर्णय लिया।
चार साल पहले जेल से रिहा हुआ था धर्मेंद्र
धर्मेंद्र सिंह करीब चार साल पहले जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। इसके बाद दोनों ने परिवार और समाज की संभावित प्रतिक्रियाओं के बावजूद साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया। 5 मई को लवकुशनगर के एक मैरिज हाउस में दोनों का विवाह संपन्न हुआ। शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कराई गई। विवाह समारोह में स्थानीय लोग और कुछ परिचित मौजूद रहे। शादी की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर भी लोग इस विवाह को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
परिवार की नाराजगी के बीच हुई शादी
जानकारी के अनुसार, फिरोजा खातून के परिवार के कुछ सदस्य इस विवाह से खुश नहीं थे। इसी वजह से उनके परिजन विवाह समारोह में शामिल नहीं हुए। हालांकि इस दौरान कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने आगे आकर विवाह की रस्मों में सहयोग किया। बताया जा रहा है कि बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने विवाह में कन्यादान की रस्म निभाई। समारोह में मौजूद लोगों ने इसे सामाजिक भाईचारे और इंसानियत की मिसाल बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों ने धर्म और अतीत से ऊपर उठकर अपने रिश्ते को स्वीकार किया है, जो समाज में आपसी समझ और सौहार्द का संदेश देता है।
हत्या के मामले में हुई थी सजा
धर्मेंद्र सिंह का नाम वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में सामने आया था। यह मामला उस समय काफी चर्चित रहा था। आरोप था कि हत्या के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने धर्मेंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह करीब 14 वर्षों तक जेल में रहा। बाद में अच्छे आचरण और नियमों के आधार पर उसे रिहा कर दिया गया। जेल में बिताए लंबे समय के दौरान धर्मेंद्र का व्यवहार सामान्य और अनुशासित बताया गया। जेल प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि रिहाई के बाद उसने सामान्य जीवन जीने की कोशिश की।
जेल से शादी तक की कहानी
केंद्रीय जेल सतना में यह विवाह चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। कैदियों से लेकर जेल अधिकारियों तक के बीच इस रिश्ते को लेकर बातें हो रही हैं। कई लोग इसे जिंदगी के दूसरे मौके और रिश्तों की ताकत से जोड़कर देख रहे हैं। यह कहानी इसलिए भी अलग मानी जा रही है क्योंकि इसमें धर्म, सामाजिक पहचान और अतीत जैसी कई बाधाएं थीं, लेकिन दोनों ने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया।
बुंदेलखंड क्षेत्र में इस विवाह को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे प्रेम और सामाजिक सौहार्द का उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ इसे परंपराओं से हटकर लिया गया साहसिक फैसला मान रहे हैं। फिलहाल यह अनोखी प्रेम कहानी पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है और लोग इसे लंबे समय तक याद रखे जाने वाले रिश्ते के रूप में देख रहे हैं।


