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मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरदार सरोवर विस्थापितों के भूखंड का पंजीयन अब निःशुल्क

मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के संदर्भ में बड़ा फैसला लिया है

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरदार सरोवर विस्थापितों के भूखंड का पंजीयन अब निःशुल्क
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25,600 परिवारों को राहत, राज्य सरकार पर 600 करोड़ का वित्तीय भार

  • मैहर-कटनी में दो नई सिंचाई परियोजनाओं को 620 करोड़ की मंजूरी
  • 6 विभागों की 10 योजनाओं को 2030-31 तक बढ़ाया गया, 15 हजार करोड़ से अधिक खर्च होगा
  • मध्यप्रदेश समाज कल्याण बोर्ड भंग, कर्मचारियों का संविलयन महिला एवं बाल विकास विभाग में

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के संदर्भ में बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक अब इन विस्थापितों के लिए आवंटित भूखंडो का पंजीयन निःशुल्क होगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किए गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन निशुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया।

मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आयेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपए की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे।

कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी। मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपए से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपए, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपए, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपए, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपए, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के लिए 21 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।


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