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मध्य प्रदेश: उज्जैन सीवर चैंबर हादसे में एक मजदूर की मौत, दो का इलाज जारी

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मंगलवार को एक खौफनाक हादसा हुआ, जहां सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान सीवर चैंबर के अंदर बेहोश होकर गिरे तीन मजदूरों में से एक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, दो अन्य मजदूर अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।

मध्य प्रदेश: उज्जैन सीवर चैंबर हादसे में एक मजदूर की मौत, दो का इलाज जारी
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भोपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मंगलवार को एक खौफनाक हादसा हुआ, जहां सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान सीवर चैंबर के अंदर बेहोश होकर गिरे तीन मजदूरों में से एक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, दो अन्य मजदूर अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने तीनों मजदूरों में से एक की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना भैरवगढ़ रोड पर पिपली नाका के पास सीवरेज के काम के दौरान हुई।

शर्मा ने बताया, "इलाके में सीवरेज का काम चल रहा था, तभी सीवर चैंबर में उतरे दो मजदूरों को दम घुटने जैसा महसूस हुआ। उन्हें बाहर निकालने के लिए तीसरा मजदूर अंदर गया, लेकिन वह भी बेहोश हो गया।"

पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों ने चैंबर के अंदर फंसे मजदूरों को देखा और अधिकारियों को इसकी सूचना दी। पुलिस टीमों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव अभियान चलाया और तीनों मजदूरों को बाहर निकाला, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

उज्जैन के एसपी शर्मा ने कहा, "पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मजदूरों को सीवर चैंबर से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्य से इलाज के दौरान उनमें से एक की मौत हो गई।"

पुलिस को शक है कि बंद सीवर चैंबर के अंदर जमा जहरीली गैसों की वजह से मजदूरों की तबीयत बिगड़ी। हालांकि, मौत की सही वजह का पता पोस्टमार्टम और जांच के नतीजों के बाद ही चलेगा। वहीं, पुलिस की ओर से मृतक की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि ऐसी खतरनाक जगहों पर काम करने वाले मजदूर अक्सर जहरीली गैसों के संपर्क में आ जाते हैं, खासकर तब जब बंद जगहों में घुसने से पहले सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए जाते।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण दिए गए थे और क्या सीवरेज के काम के दौरान तय सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।

जांच के तहत ठेकेदार, साइट सुपरवाइजर और मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों के बयान भी दर्ज किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर सीवर की सफाई और रखरखाव के काम में लगे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सुरक्षा नियमों में लापरवाही के कारण देश भर में अक्सर ऐसे जानलेवा हादसे होते रहते हैं।


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