MP News: कुत्ते का मुखौटा पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा युवक, आवारा कुत्तों के मुद्दे पर अनोखा प्रदर्शन
कुत्ते की पोशाक पहने युवक नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर के साथ जनसुनवाई में पहुंचा था। चूंकि शिकायत नगर निगम से जुड़ी थी, इसलिए पहले उसे नगर निगम के कार्यपालन यंत्री संजय शुक्ला के सामने ले जाया गया। इस दौरान दीपक मुल्लू राठौर ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी अभियान को लेकर सवाल उठाए।

खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़ी शिकायतों के बीच मंगलवार को जनसुनवाई में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। शहर में कुत्तों की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा एक युवक कुत्ते का मुखौटा और पोशाक पहनकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया। अधिकारियों के सामने पहुंचते ही युवक ने कुत्ते की तरह आवाज निकालकर प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर खींचने की कोशिश की। युवक का यह तरीका कुछ ही देर में जनसुनवाई में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। अधिकारियों ने भी पहले इस प्रदर्शन को हैरानी से देखा। प्रदर्शन का उद्देश्य शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या और उनकी नसबंदी की धीमी रफ्तार के खिलाफ प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था।
नेता प्रतिपक्ष के साथ पहुंचा युवक
कुत्ते की पोशाक पहने युवक नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर के साथ जनसुनवाई में पहुंचा था। चूंकि शिकायत नगर निगम से जुड़ी थी, इसलिए पहले उसे नगर निगम के कार्यपालन यंत्री संजय शुक्ला के सामने ले जाया गया। इस दौरान दीपक मुल्लू राठौर ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी अभियान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कुत्तों की नसबंदी में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के आरोप लगाए। राठौर ने पिछले वर्षों में नसबंदी के नाम पर हुए खर्च और काम की प्रगति को लेकर भी सवाल किए।
निगम अधिकारी ने आरोपों से किया इनकार
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री संजय शुक्ला ने नसबंदी अभियान में किसी तरह के फर्जीवाड़े से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नसबंदी से जुड़े सभी आंकड़े और रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारी के जवाब के बाद भी मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। दीपक मुल्लू राठौर युवक को लेकर अपर जिलाधिकारी काशीराम बड़ोले के पास पहुंचे और उन्हें शिकायत का आवेदन सौंपा।
नसबंदी के खर्च की जांच की मांग
एडीएम को दिए गए आवेदन में पिछले वर्षों के दौरान आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर खर्च की गई राशि की जांच की मांग की गई है। शिकायत में वित्तीय और तकनीकी दोनों स्तरों पर जांच कराने की मांग रखी गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शहर में नसबंदी अभियान की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इसके कारण आवारा कुत्तों की संख्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। वहीं, प्रशासन और नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले आंकड़ों से स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
गेट पर सुरक्षा गार्ड से हुई बहस
कुत्ते की पोशाक और मुखौटा पहने युवक को जनसुनवाई कक्ष में प्रवेश करने से पहले सुरक्षा गार्ड ने रोक दिया। इसको लेकर दीपक मुल्लू राठौर और गार्ड के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ देर की बातचीत के बाद युवक को अंदर जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वह अधिकारियों के सामने पहुंचा और अपने अनोखे प्रदर्शन के जरिए आवारा कुत्तों की समस्या को उठाया।
प्रशासन के सामने बड़ा सवाल
खंडवा शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर लोगों की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुंचती रही हैं। ऐसे में युवक का कुत्ते का रूप धारण कर जनसुनवाई में पहुंचना प्रशासन का ध्यान खींचने का असामान्य तरीका जरूर रहा, लेकिन इसके पीछे उठाए गए सवाल अब जांच और कार्रवाई से जुड़े हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम की ओर से नसबंदी अभियान के आंकड़े सार्वजनिक किए जाने के बाद आरोपों की स्थिति क्या सामने आती है। साथ ही, एडीएम को सौंपे गए आवेदन के आधार पर वित्तीय और तकनीकी जांच शुरू होती है या नहीं, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी। फिलहाल इस अनोखे प्रदर्शन ने खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या को एक बार फिर प्रशासनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।


