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कमलनाथ ने बजट में नर्मदा परिक्रमा पथ की उपेक्षा पर जताई नाराज़गी

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट में नर्मदा परिक्रमा पथ के लिए विशेष प्रावधान न किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए है और कहा है कि यह आहत करने वाला है

कमलनाथ ने बजट में नर्मदा परिक्रमा पथ की उपेक्षा पर जताई नाराज़गी
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पूर्व मुख्यमंत्री बोले – नर्मदा मध्यप्रदेश की आस्था और संस्कृति का प्रतीक

  • बजट में परिक्रमा पथ का उल्लेख न होना श्रद्धालुओं के लिए आहत करने वाला

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट में नर्मदा परिक्रमा पथ के लिए विशेष प्रावधान न किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल उठाए है और कहा है कि यह आहत करने वाला है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार के बजट में मां नर्मदा परिक्रमा पथ को नजरअंदाज करना आहत करता है। नर्मदा मध्य प्रदेश की आस्था, संस्कृति और जीवनधारा का प्रतीक है। हजारों-लाखों श्रद्धालु हर वर्ष नर्मदा परिक्रमा करते हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इस वर्ष के राज्य बजट में नर्मदा परिक्रमा पथ के विकास का कहीं उल्लेख तक नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दिनों परिक्रमा पथ की स्थिति पर सवाल उठाए थे। उसका जिक्र करते हुए कहा कि कुछ माह पूर्व खरगोन जिले की सनावद तहसील में अलीबुजुर्ग से टोंकसर के बीच परिक्रमावासियों को हो रही गंभीर परेशानियों का मुद्दा उठाया गया था। मार्ग की जर्जर स्थिति, मूलभूत सुविधाओं का अभाव और सुरक्षा संबंधी समस्या स्पष्ट रूप से सामने लाई गई थीं। अपेक्षा थी कि सरकार संज्ञान लेकर ठोस कार्यवाही करेगी, लेकिन आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगे कहा कि धर्म और आस्था केवल भाषणों और आयोजनों तक सीमित नहीं हो सकते। यदि सरकार वास्तव में श्रद्धालुओं के सम्मान और सुविधा के प्रति प्रतिबद्ध है, तो नर्मदा परिक्रमा पथ को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। नर्मदा परिक्रमा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान है। यह हजारों परिवारों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि नर्मदा परिक्रमा पथ को श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक मानते हुए इसके व्यापक सुधार एवं विकास के लिए स्पष्ट योजना, बजट प्रावधान और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।


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