जीतू पटवारी का बड़ा आरोप हर कलेक्टर चोर, मुख्यमंत्री पर उठाए सवाल
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर दौरे के दौरान प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा है।

भ्रष्टाचार पर कांग्रेस का हमला मोहन यादव सरकार को घेरा
- वोट काटने के आरोप पर पटवारी की चेतावनी चुनाव अधिकारियों पर एफआईआर की बात
- दूषित पानी से मौतें पटवारी बोले सरकार शुद्ध पेयजल देने में विफल
- कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का संकल्प ग्वालियर दौरे पर पटवारी ने दिए निर्देश
ग्वालियर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को ग्वालियर दौरे के दौरान प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के जिलों में स्थिति यह है कि “हर कलेक्टर चोर है।” पटवारी ने कहा कि यदि मुख्य सचिव स्वयं इस बात को स्वीकार कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव दोनों ने यह स्वीकार किया है कि जिलों में हर कलेक्टर पैसे लेता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में 50 प्रतिशत भ्रष्टाचार की बात पहले से कही जाती रही है, लेकिन अब यह सीमा भी तोड़ दी गई है। पटवारी ने कहा कि कलेक्टरों की पोस्टिंग पैसे के आधार पर होती है और यह पूरी जानकारी पीएमओ और मुख्यमंत्री दोनों को है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि तहसीलदार से लेकर पटवारी तक, हर स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग में कोई ऐसा कार्यालय नहीं है जहां रिश्वत न ली जाती हो। उन्होंने दावा किया कि मुख्य सचिव द्वारा स्वीकार किए गए भ्रष्टाचार का सीधा असर जनता, गरीब किसानों और पत्रकारों पर पड़ रहा है। ऐसी प्रशासनिक अराजकता में मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
जबकि मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जाने के आरोपों पर पटवारी ने कहा कि भाजपा ने अपने सभी मंत्रियों को इस काम में लगा दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख से अधिक आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग या जिला निर्वाचन अधिकारी भाजपा के दबाव में आकर कोई अनियमितता करते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी पाए जाने पर कलेक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।
वही महू में दूषित पानी निकलने के मामले पर पटवारी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में 25 वर्षों से एक ही सरकार है, लेकिन यह पहली बार सुनने को मिला है कि पीने के पानी में जहर हो। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जहरीले पानी से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। एनजीटी के निर्देशों का हवाला देते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश का 70 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है और सरकार शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस हर जिले और हर वार्ड में आंदोलन चलाकर स्वच्छ पानी के लिए संघर्ष करेगी।
ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती बंद करने के सवाल पर पटवारी ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था इसलिए शुरू की गई क्योंकि सरकार नियमित नियुक्तियां नहीं करना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पूरी सरकार को आउटसोर्स पर चलाना चाहती है और स्वास्थ्य विभाग पहले ही आउटसोर्स पर जा चुका है। वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर सरकार असंवेदनशील है।
तो दूसरी ओर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने कहा कि वह इस विषय पर पहले ही अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं।
इस दौरान जीतू पटवारी ने संभागीय ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक भी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए वार्ड, पंचायत और मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन तेजी से किया जा रहा है। अब तक करीब सात हजार पंचायत समितियों का गठन हो चुका है। उन्होंने ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को संगठनात्मक कार्यों को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए।


