इंदौर दूषित जल विवाद : नगर पालिकाएं पूरी तरह सतर्क, नालियों के पास से कई नल कनेक्शन हटाए, बिछी नई पाइपलाइन
मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से हुई गंभीर घटना के बाद जिले की नगर पालिकाएं पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इसी क्रम में मुलताई नगर पालिका ने पेयजल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए शास्त्री वार्ड, राजीव गांधी वार्ड और तिलक वार्ड में व्यापक जांच और सुधार अभियान शुरू किया है
नालियों से हटे नल, बदली गई पाइपलाइन, नगर पालिका की सख्त कार्रवाई
बैतूल। मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से हुई गंभीर घटना के बाद जिले की नगर पालिकाएं पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इसी क्रम में मुलताई नगर पालिका ने पेयजल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए शास्त्री वार्ड, राजीव गांधी वार्ड और तिलक वार्ड में व्यापक जांच और सुधार अभियान शुरू किया है।
नगर पालिका की जल प्रदाय शाखा द्वारा किए गए निरीक्षण में नालियों के बिल्कुल पास स्थित कई नल कनेक्शन पाए गए, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल हटा दिया गया। साथ ही वर्षों पुरानी, जर्जर और क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइनों को निकालकर नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी तेज़ी से शुरू किया गया है।
नगर पालिका अधिकारी योगेश अनेराव और अर्जुन पिपले के नेतृत्व में गठित टीम विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन नेटवर्क का निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिन पाइपलाइनों का मार्ग नालियों के भीतर या उनके अत्यधिक समीप से गुजर रहा है, उन्हें हटाकर सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग से दोबारा बिछाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने नागरिकों से सीधे संवाद कर गंदे, मटमैले और बदबूदार पानी की शिकायतें भी दर्ज कीं। अधिकारियों के अनुसार जहां से भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल जांच कर आवश्यक तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।
नगर पालिका ने शहर की प्रमुख जल आपूर्ति लाइन, जो नागपुर नाके की टंकी से गांधी चौक होते हुए कन्या स्कूल तक जाती है, उसे भी पूरी तरह बदलने की योजना बनाई है। इसके लिए लगभग एक करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय कर ली गई है और प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
इसी बीच ताप्ती वार्ड में पुरानी और खराब पाइपलाइन को हटाकर नई पाइपलाइन बिछा दी गई है, जिससे वहां नियमित और स्वच्छ जल आपूर्ति शुरू हो चुकी है। नगर पालिका की इस कार्रवाई से शहरवासियों में भरोसा बढ़ा है और लोग अब खुलकर दूषित पानी की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।




