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मध्य प्रदेश के शहडोल में महिला ने तीन छोटी बेटियों के साथ पीया कीटनाशक, चारों की मौत

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में 32 साल की महिला ने अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के बाद कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। दिल दहलाने वाली यह घटना पपौंध पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले हिरवार गांव में हुई।

मध्य प्रदेश के शहडोल में महिला ने तीन छोटी बेटियों के साथ पीया कीटनाशक, चारों की मौत
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भोपाल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में 32 साल की महिला ने अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के बाद कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। दिल दहलाने वाली यह घटना पपौंध पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले हिरवार गांव में हुई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों की पहचान अनीता सिंह और उनकी बेटियों-सात साल की रितिका, चार साल की कृष्णा कुमारी और दो साल की अर्पिता के तौर पर हुई है।

अस्पताल में इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई। इस घटना से शांत गांव में गहरा दुख और मातम छा गया।

शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक अनीता सिंह हिरवार गांव में अपने तीन बच्चों के साथ अकेली रहती थीं। उनके पति, जो एक प्रोफेशनल ड्राइवर थे। परिवार का खर्च चलाने के लिए दूसरे राज्य में काम करते थे। अनीता दिहाड़ी मजदूरी करके घर चलाती थीं और अक्सर गुजारा करने के लिए उन्हें मुश्किल होती थी।

गांव वालों ने परिवार को साधारण बताया और घटना से पहले के दिनों में उनमें कोई परेशानी नहीं दिखी थी। खबर है कि अनीता ने पहले पेस्टीसाइड पी लिया और फिर अपनी छोटी बेटियों को भी जबरदस्ती पिला दिया। जैसे ही जहर का असर हुआ। परिवार बेहोश होने लगा।

बेटियों में से एक ने किसी तरह पड़ोस के लोगों से बात की, और उन्हें बताया कि उसकी मां ने उन सभी को कड़वी दवा दी थी। बच्चे के खुलासे से घबराकर पड़ोसी और रिश्तेदार तुरंत चारों पीड़ितों को पास के हॉस्पिटल ले गए, लेकिन जहर शरीर में फैल चुका था। सबसे पहले अनीता सिंह की मौत हो गई, उसके बाद एक के बाद एक उनकी तीन मासूम बेटियों की भी मौत हो गई। परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में सन्नाटा छा गया है।

पुलिस ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है। अधिकारी पैसे की तंगी, मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम या घरेलू समस्याओं जैसे संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं, जिनकी वजह से अनीता ने यह कदम उठाया होगा।

अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस दुखद मामले ने एक बार फिर भारत में आर्थिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही ग्रामीण महिलाओं के लिए मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और मजबूत सपोर्ट सिस्टम की तुरंत जरूरत को सामने लाया है।


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