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सीएम मोहन यादव ने मशहूर शायर बशीर बद्र को दी श्रद्धांजलि, बोले- उनकी शायरी मानवता का संदेश देती रहेगी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डॉ. बशीर बद्र के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "पद्म श्री से सम्मानित, प्रसिद्ध शायर डॉ. बशीर बद्र के निधन पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।"

सीएम मोहन यादव ने मशहूर शायर बशीर बद्र को दी श्रद्धांजलि, बोले- उनकी शायरी मानवता का संदेश देती रहेगी
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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डॉ. बशीर बद्र के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "पद्म श्री से सम्मानित, प्रसिद्ध शायर डॉ. बशीर बद्र के निधन पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।"

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए आगे कहा कि डॉ. बशीर बद्र ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को संवेदनशीलता, अपनत्व और मानवता के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने अपनी शायरी से जिंदगी को आसान और खूबसूरत बनाने के सूत्र दिए। डॉ. मोहन यादव ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

मशहूर शायर और पद्मश्री सम्मानित साहित्यकार डॉ. बशीर बद्र का भोपाल में निधन हो गया। 91 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से साहित्य जगत, शायरी प्रेमियों और उर्दू अदब से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के मुताबिक, बशीर बद्र लंबे समय से डिमेंशिया और उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो गई थी और वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे।

डॉ. बशीर बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को अयोध्या में हुआ था। उनका असली नाम सैयद मोहम्मद बशीर था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में मेरठ कॉलेज में उर्दू के प्रोफेसर बने। अध्यापन के साथ-साथ उनकी शायरी ने भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।

1970 और 80 के दशक में उनकी गजलों ने देश-दुनिया में अलग पहचान बनाई। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने उर्दू शायरी को कठिन शब्दों से निकालकर आम बोलचाल की भाषा में पेश किया। उनकी रचनाओं में जिंदगी की सच्चाई, रिश्तों की मिठास, मोहब्बत, दर्द और इंसानी एहसास बेहद खूबसूरती से झलकते थे। यही वजह है कि उनकी शायरी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।


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