मध्य प्रदेश के मंडला में रतनजोत के बीज खाने से 7 मासूम बीमार, जिला अस्पताल इलाज जारी
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के सेमीकोल गांव में 3 से 6 साल की उम्र के सात मासूम बच्चे जहरीले रतनजोत के बीज खाने से गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। सभी बच्चों को आनन-फानन में मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल, सभी बच्चों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले के सेमीकोल गांव में 3 से 6 साल की उम्र के सात मासूम बच्चे जहरीले रतनजोत के बीज खाने से गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। सभी बच्चों को आनन-फानन में मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल, सभी बच्चों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. गौरव कुमार मरकाम ने आईएएनएस को जानकारी देते हुए बताया कि रविवार शाम करीब 5.30 बजे सात बच्चों को अस्पताल लाया गया था। ये सभी बच्चे ग्राम पंचायत सेमीकोल के रहने वाले हैं। परिजनों ने बताया कि बच्चों ने खेलते-खेलते रतनजोत के बीज खा लिए थे। हमने सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है। सभी को जरूरी ट्रीटमेंट दिया गया है और फिलहाल सभी बच्चे स्टेबल हैं, उनकी स्थिति स्थिर है।"
घटना के बारे में बच्चों की मां सुनीता यादव ने बताया कि उनके दो बच्चे - एक लड़का और एक लड़की - और पड़ोस के पांच बच्चे रविवार को छुट्टी होने के कारण गांव में बजरंगबली मंदिर के सामने खेल रहे थे। वहीं पास में ही रतनजोत का पेड़ लगा हुआ है। खेलने के बाद बच्चे घर आए और पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत करने लगे।
सुनीता ने बताया, "बच्चे घर आकर कहने लगे कि पेट में दर्द हो रहा है। वे लगातार उल्टी कर रहे थे और दस्त भी शुरू हो गई थी। जब हमने देखा तो तुरंत समझ गए कि उन्होंने पेड़ के पास से कुछ खा लिया है। हम तुरंत सभी बच्चों को लेकर जिला अस्पताल आ गए। यहां डॉक्टरों ने बोतल चढ़ाई है और इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों ने कहा है कि बच्चे अब ठीक हैं।"
वहीं, मनोज कुमार ने कहा कि रविवार को छुट्टी होने से बच्चे घर पर ही खेल रहे थे। वह खुद खेती-बाड़ी के काम से खेत में गए हुए थे, जहां धान की कटाई चल रही है। उन्हें सूचना मिली कि बच्चे उल्टी-दस्त कर रहे हैं तो वह काम छोड़कर घर पहुंचे। मनोज ने बताया, "जब बच्चे उल्टी कर रहे थे तो उल्टी में बीज के टुकड़े निकले, तब हमें पता चला कि उन्होंने रतनजोत के बीज खाए हैं। गांव में सात बच्चे एक साथ खेल रहे थे और सातों ने ही बीज खा लिए थे।"


