हरदीप पुरी जाएंगे राज्यसभा, बीजेपी ने मध्य प्रदेश उपचुनाव में बनाया उम्मीदवार
पुरी 1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने राजनयिक करियर में करीब 39 वर्षों तक सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने जिनेवा और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में काम किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों और कूटनीति का उनका अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने बुधवार को उनके नाम पर मुहर लगाई। यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर निर्धारित की गई है। हरदीप सिंह पुरी के नाम की घोषणा के साथ ही राज्य में उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। अब सबकी नजरें चुनावी प्रक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं।
मुख्यमंत्री आवास पर बैठक के बाद हुआ फैसला
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार का चयन करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक हुई। इसके बाद प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में हरदीप सिंह पुरी के नाम पर सहमति बनी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक के बाद बताया था कि कोर कमेटी में राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए उम्मीदवार के चयन पर चर्चा की गई। इस दौरान मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से जुड़े चार से पांच संभावित नामों पर विचार हुआ। राज्य में इस सीट के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में थे। इनमें पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, अरविंद सिंह भदौरिया और रंजना बघेल के अलावा पूर्व राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी तथा सिंगरौली जिले के पूर्व विधायक अमर सिंह शामिल थे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और तमिलनाडु की पूर्व विधायक वनाथी श्रीनिवासन का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिया जा रहा था। अंततः पार्टी नेतृत्व ने पुरी को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट भाजपा नेता एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। मुरुगन केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और तमिलनाडु से आते हैं। उन्होंने राज्यसभा सदस्यता छोड़ने का फैसला किया था। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने रिक्त सीट पर उपचुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, उम्मीदवार 2 नवंबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इस सीट पर 12 नवंबर को मतदान होना निर्धारित है। उपचुनाव के जरिए राज्यसभा में रिक्त स्थान भरा जाएगा। भाजपा ने इस सीट के लिए मध्य प्रदेश के स्थानीय नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े नामों पर भी विचार किया। हरदीप सिंह पुरी के चयन से पार्टी ने केंद्रीय स्तर पर अनुभवी नेता को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है।
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राजनयिक और लेखक हैं। उनका जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। पुरी 1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने राजनयिक करियर में करीब 39 वर्षों तक सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने जिनेवा और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में काम किया। अंतरराष्ट्रीय मामलों और कूटनीति का उनका अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्ष 2014 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। इसके बाद 2017 में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया। वर्तमान में वह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े नीतिगत मुद्दों और देश की ईंधन जरूरतों को लेकर वह लगातार सक्रिय रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति पर नजर
हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में इस उपचुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी ने संभावित नामों पर विचार करने के बाद केंद्रीय मंत्री को प्राथमिकता दी है। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और चुनावी औपचारिकताएं आगे बढ़ने के साथ उपचुनाव की तस्वीर स्पष्ट होगी। 12 नवंबर को होने वाला मतदान इस रिक्त सीट को भरने की दिशा में अहम कदम होगा। इस चुनाव के नतीजे से राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व पूरा करने में मदद मिलेगी।


